दारोगा मीरा सिंह पर ईडी का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग केस में बनीं आरोपी

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रांची। तुपुदाना ओपी की पूर्व प्रभारी रही महिला दारोगा मीरा सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में अभियुक्त बनाते हुए प्रॉसिक्यूशन कंप्लेन पीसी दायर कर दी है। मामला ईसीइआर संख्या 8/2025 के तहत दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार, विशेष पीएमएल पीएमएलए कोर्ट ने अभी ईडी की शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया है, लेकिन मामले की सुनवाई के लिए 17 सितंबर 2025 की तारीख निर्धारित कर दी गई है।
गौरतलब है कि मार्च 2024 में ईडी ने मीरा सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान जांच एजेंसी ने 12.50 लाख रुपये नकद और आठ मोबाइल फोन बरामद किए थे। पूछताछ में मीरा सिंह बरामद नकदी के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इसी आधार पर ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
यह भी उल्लेखनीय है कि मीरा सिंह पहले भी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी रह चुकी हैं। खूंटी में पदस्थापन के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी ने उन्हें दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। ईडी ने अब एसीबी द्वारा दर्ज उस मामले को टेकओवर करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इस तरह मीरा सिंह झारखंड की पहली महिला पुलिस अधिकारी बन गई हैं जिन्हें ईडी ने किसी मामले में अभियुक्त बनाया है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि अब यह मामला मीरा सिंह के लिए गंभीर साबित हो सकता है, क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग कानून पीएमएलए के तहत सजा कठोर और जमानत की प्रक्रिया जटिल मानी जाती है।

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