–आरोपी शिक्षक पर जांच उपरांत कार्रवाई की मांग, बोकारो उपायुक्त ने दिया जांच का आदेश
बोकारो। बोकारो जिला अंतर्गत चंदनक्यारी प्रखंड के केसरगढ़िया प्राथमिक विद्यालय (बालिका) के पूर्व प्रधानाध्यापक मो. शमीम अली एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। हेल्पिंग कॉर्प्स फाउंडेशन के जिला सचिव अफ़ज़ल खान द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यह मामला अब जिला प्रशासन तक पहुंच चुका है। सोशल मीडिया पर अफ़ज़ल खान के साझा किए गए दस्तावेज़ों और समाचार अंशों के आधार पर डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो ने मामले को गंभीर बताते हुए बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा से उच्चस्तरीय जांच की मांग की। दरअसल, अफज़ल खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “X” (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया कि मो. शमीम, पिता- अली हसन उर्फ़ मो. हैदर अली, बालीडीह थाना कांड संख्या 134/22 में नामजद अभियुक्त हैं और गंभीर गैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं। इस मामले में उन्हें एक वर्ष से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा और झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत पर रिहा होने के बावजूद SDJM न्यायालय द्वारा केस डायरी और पुलिस अनुसंधान के आधार पर आरोप-पत्र गठित किया गया है। अब तक सात गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें आरोपों की पुष्टि हुई है। न्यायिक प्रक्रिया के बावजूद नौकरी में बहाली पर सवाल हेल्पिंग कॉर्प्स के सचिव अफ़ज़ल खान ने सवाल उठाया है कि ऐसे व्यक्ति को प्रधानाध्यापक जैसे गरिमामय पद पर कैसे बहाल किया गया। उन्होंने शिक्षा विभाग पर जवाबदेही तय करने की मांग की है और स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में सिर्फ निलंबन नहीं बल्कि सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जानी चाहिए। डुमरी विधायक ने जताई चिंता, डीसी ने दिए जांच के आदेश
सोशल मीडिया पर सक्रिय डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो ने भी इस विषय पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उनके संज्ञान लेने के बाद बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। डीसी कार्यालय की आधिकारिक “X” हैंडल से यह जानकारी साझा करते हुए लिखा गया, “जांच प्रतिवेदन के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। जोहार।”









