कंपनी ने जबरन किया सिकरी देवस्थल की जमीन पर कब्जा : ग्रामीण

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संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता

हजारीबाग : जिले के बड़कागांव प्रखंड के सिकरी पंचायत स्थित राजाबागी देवस्थल की 86 डिसमिल आम गैरमजरूआ भूमि (खाता संख्या 137, प्लॉट संख्या 147 रकबा 86 डिसमिल) पर जारी अतिक्रमण विवाद एक बार फिर गरमा गया है। यह भूमि वर्षों से स्थानीय ग्रामीणों की धार्मिक आस्था का केंद्र रही है, जहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती रही है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2018 में त्रिवेणी सैनिक कंपनी द्वारा लगभग 40.5 डिसमिल भूमि पर अवैध रूप से बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी गई थी। इस संबंध में ग्रामीणों ने कई बार तत्कालीन अंचलाधिकारी को मौखिक एवं लिखित शिकायत दी थी। जिसके आलोक मे अंचलाधिकारी द्वारा भूमि मापी के क्रम में पाया गया कि त्रिवेणी सैनिक कंपनी द्वारा अवैध तरीके से 40.5 डिसमिल जमीन कब्जा कर लिया गया है। तत्पश्चात् अंचल कार्यालय, बड़कागांव द्वारा ज्ञापांक संख्या 1080, दिनांक 27 नवंबर 2018 को त्रिवेणी सैनिक को आदेश दिया गया था कि वह उक्त भूमि को 10 दिसंबर 2018 तक खाली कर दे। बावजूद इसके अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है। हाल ही में अंचल कार्यालय बड़कागांव के पत्रांक संख्या 399, दिनांक 10 जून 2025 के तहत उक्त भूमि के आस पास की खास गैरमजरूआ भुमि की मापी हेतु बजरिये नोटिस जारी किया था, जिसमें 12 जून 2025 को जमीन मापी हेतु बढ़न साव, देवनारायण सिंह, मनोज साव, सोहर साव, अमित साव, अवधेश साव सहित कई लोगों को बुलाया गया था। अंचल कर्मचारी मनीष कुमार पाठक एवं अमीन दुलारचंद महतो स्थल पर पहुंचे, परंतु ग्रामीणों के विरोध के कारण मापी संभव नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2014 से कंपनी रास्ता निकालने के बहाने कई बार उन्हें भ्रमित करने का प्रयास कर चुकी है, किंतु वे देवस्थल की भूमि देने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई साधारण भूमि नहीं, अपितु उनकी धार्मिक आस्था का प्रतीक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुनः मांग की है कि देवस्थल की भूमि को अविलंब अतिक्रमण से मुक्त कर, धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

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