बिरसा मुंडा का गांव अब भी विकास से दूर:धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की शहादत दिवस पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए लेकिन क्या उनके वंशजों के जीवन शैली में सुधार आ पाई है?
बिरसा मुंडा के वंशज जंगल सिंह मुंडा ने संथाल हूल एक्सप्रेस के विशेष संवाददाता सौरभ राय से आपबीती सुनाई और कहा हम वंशजों के लिए किसी भी सरकार ने कोई कार्य नहीं किया है

रांची/उलिहातु: देश को आजादी दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को झारखंड एवम पूरे देश ने उनके 125 वे पुण्यतिथि पर नमन किया। अगर झारखंड की बात करे तो राज्य भर में कार्यक्रम आयोजित की गई राजधानी रांची के कोकर स्थित समाधि स्थल पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,राज्यपाल संतोष गंगवार समेत तमाम बड़े नेताओं ने बिरसा मुंडा को श्रृद्धांजलि अर्पित की। भगवान बिरसा मुंडा को सम्मान हर कोई देता है उनके नाम से एयरपोर्ट जैसे कई चीजें भी चल रही हैं लेकिन अगर भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों की स्थिति के साथ उनके जन्मस्थल उलिहातु के विकास को लेकर चर्चा की जाए तो हमारे सम्पूर्ण सिस्टम पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा। पिछले दिनों जब झारखंड शहादत दिवस पर बिरसा मुंडा को याद कर रहा था कार्यक्रम आयोजित की गई थी तो वहीं दूसरी ओर उनके वंशज बेहद तंगी के हालात में मुश्किल किसी प्रकार से संसाधनों को जुटाकर कार्यक्रम का आयोजन किए थे। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के वंशज जंगल सिंह मुंडा ने संथाल हूल एक्सप्रेस के विशेष संवाददाता सौरभ राय से बातचीत करते हुए कहा अब तक किसी भी सरकार ने हम वंशजों के लिए कुछ नहीं किया यहां तक कि उलिहातु का भी विकास नहीं हो पाया है।
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के वंशज आज भी संघर्ष कर जीवन यापन कर रहे हैं*
बिरसा मुंडा के वंशज जंगल सिंह मुंडा बताते हैं कि शहादत दिवस पर बिरसा मुंडा जी को याद किया जाता है बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है लेकिन उनके वंशज आज भी संघर्ष कर अपने बलबूते जीवन यापन करते हैं। उन्होंने कहा शहादत दिवस पर हमलोग खुद से ही संसाधन जुटाकर कार्यक्रम का आयोजन किए सांसद और विधायक भी आए लेकिन आर्थिक सहयोग किसी का भी प्राप्त नहीं होता है अन्य राज्यों से भी लोग आते हैं सभी के लिए व्यवस्था हम खुद करते हैं सरकार से किसी भी प्रकार की मदद नहीं मिलती है।
शहादत दिवस के दिन गांव में पूरा दिन बिजली गुल रही*
जंगल सिंह मुंडा बताते हैं कि जहां राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में बिरसा मुंडा की याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए गए वही दूसरी ओर उनके जन्मस्थल उनका गांव उलिहातु में पूरा दिन बिजली गुल रही। दुख जाहिर करते हुए उन्होंने गुहार लगाई सरकार उनके गांव के प्रति सजग हो गांव का विकास किया जाए।
वंशजों का अपना पक्का मकान भी नहीं है, सरकार से मांग एक मकान प्रदान किया जाएग*
जहां भगवान बिरसा मुंडा के नाम से कई योजनाएं राज्यभार में चलाई जा रही हैं वहीं unke खुद के परिजनों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जंगल सिंह मुंडा ने मुखरता से कहा केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना की बात हो या राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही अबूआ आवास योजना की बात हो किसी भी योजनाओं का लाभ हमलोगों को नहीं मिल पाया है। जंगल सिंह ने सरकार से गुहार लगाई उनके परिवार को एक मकान प्रदान किया जाए।
बिजली नहीं होने के कारण खेती नहीं हो पाती जिससे परिवार चलाने में परेशान आ रही है*
उलिहातु में बिजली की समस्या को लेकर ग्रामवासी विकट परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। जंगल सिंह मुंडा कहते हैं बिजली गांव में रहती ही नहीं है जिससे पानी नही आता और खेती करने में परेशानी होती है और अगर खेती नहीं होती तो परिवार चलाने में मुश्किल होती है क्योंकि खेती के अलावा रोजगार का और कोई साधन नहीं है।
उलिहातु या खूंटी से बड़ी संख्या में युवा पलायन कर रहे हैं*
झारखंड के ज्वलंत मुद्दों में से एक है पलायन का मुद्दा इस समस्या का हल जल्द ढूंढने की जरूरत है नहीं तो झारखंड के गांव से युवा पूरे तरीके से पलायन कर लेंगे। इस मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए भगवान बिरसा मुंडा के वंशज जंगल सिंह मुंडा बताते हैं कि खूंटी हो या उलिहातु यहां का सबसे स्थानीय युवा बेरोजगारी के समस्या से झुंझ रहा है अंततः मजबूरी में नौकरी के लिए युवा दूसरे राज्यों में पनाह ले रहे हैं। उन्होंने कहा उलिहातु में रोजगार का सृजन किया जाए जिससे सम्पूर्ण गांव का विकास हो पाएगा।
चुनाव से पूर्व राजनीतिक लाभ के लिए धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का नाम लिया जाता है
भगवान बिरसा मुंडा को लेकर झारखंड में लगभग सभी राजनीतिक दल सक्रिय रहते हैं बयानबाजी की जाती है। इस पर जीवन सिंह मुंडा अपनी राय देते हुए कहते हैं कि जब चुनाव का मौसम आता है तो सभी राजनेता उलिहातु पहुंचकर बिरसा जी का नाम लेता है उनके घर में आकर नमन करता है। सिर्फ चुनावी लाभ के लिए भगवान बिरसा मुंडा का नाम लिया जाता है सही मायने में देखे तो राज्य में अब तक जो भी सरकारें रही या वर्तमान में है किसी ने भी उलिहातु के विकास के लिए काम नही किया अब धीरे धीरे कार्य हो रही है। जंगल सिंह मुंडा ने कहा हम वंशज बेहद मुश्किल में जीवन यापन करते हैं हमारे परिवार के विकास के लिए आज तक किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया गया है।









