मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र विभाग में माइक्रोस्कोप ख़राब

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महीनों से बंद है मोतियाबिंद का ऑपरेशन

संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता

हजारीबाग : जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल अवस्थित नेत्र विभाग में माइक्रोस्कोप ख़राब होने के कारण पिछले कई महीनों से मोतियाबिंद सर्जरी बंद है जिससे जरूरतमंद मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोतियाबिंद का सर्जरी आमतौर पर वैसे उम्रदराज या बुजुर्ग जनों का ही होता है जिनके आँखों का लेंस धुंधला हो जाता है। धुंधले लेंस को हटाकर एक कृत्रिम लैंस से बदलने की प्रक्रिया मोतियाबिंद सर्जरी होती है जो आँखों के दृष्टि को बहाल करने में मदद करता है। मोतियाबिंद सर्जरी में माइक्रोस्कोप सर्जन को आंख के अंदर सांप और सटीक रूप से देखने में मदद करता है जिससे सर्जरी के दौरान सटीक और सुरक्षित प्रक्रिया पूर्ण कर सफल सर्जरी हो सके। लेकिन हजारीबाग के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र विभाग में मोतियाबिंद के सर्जरी में उपयोग होने वाला माइक्रोस्कोप सालों पुराना होने के कारण हमेशा खराब होता रहा है। कभी इसका लाइट काम नहीं करता है तो कभी पुराना मॉडल होने के कारण अन्य प्रकार की तकनीकी समस्या आती है। बीते फरवरी माह से यह माइक्रोस्कोप पूरी तरह कबाड़ स्थिति में है और इनके खराब होने के कारण यहां मोतियाबिंद का सर्जरी पूर्णतः बंद हो गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक हर महीने यहां करीब 50 से अधिक लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन होता था और यहां ऑपरेशन होने से बुजुर्ग जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत होती थी। मोतियाबिंद का ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत भी हजारीबाग और आसपास के जिले में कुछ गिने- चुने जगहों पर ही होता है और निजी स्तर से कराने पर इसके सर्जरी में करीब 35- 40 हज़ार का खर्च आता है । हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद मनीष जायसवाल को अवगत कराया है साथ ही सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और जिले की उपायुक्त नैंसी सहाय को ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी और जरूरतमंद मरीजों के हितार्थ संज्ञान लेते हुए यथाशीघ्र मोतियाबिंद का सर्जरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र विभाग में चालू करने की मांग की। सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने बताया कि बदलते दौर के अनुरूप मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नेत्र ओटी में अत्याधुनिक सुविधा और गुणवत्ता से युक्त नया माइक्रोस्कोप अधिष्ठापित किया जाय ताकि मोतियाबिंद जैसा जरूरी सर्जरी इस प्रकार महीनों तक बाधित न हो। रंजन चौधरी ने यह भी बताया कि इससे पहले साल 2018 से पहले इस विभाग के जर्जर व्यवस्था और इक्विपमेंट की कमी के कारण करीब दो साल तक हजारीबाग में मोतियाबिंद का ऑपरेशन बंद हुआ था लेकिन तब तत्कालीन हजारीबाग उपायुक्त रविशंकर शुक्ला की सक्रियता और तत्परता से 24 दिसंबर 2018 को पुनः नेत्र विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सुबह व्यवस्थित कर सक्रिय किया गया था और निःशुल्क जरूरतमंद मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन या सुरक्षित और आसान तरीके से लगातार हो रहा था। यहां हजारीबाग के अलावे कोडरमा, रामगढ़, चतरा, गिरिडीह और बोकारो जिले के जरूरतमंद मरीज भी मोतियाबिंद का सर्जरी कराने पहुंचते हैं और फरवरी माह से पूरी तरह सर्जरी बंद होने से जरूरतमंद मरीजों में घोर निराशा है।

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