झारखंड में पांच खदानों का लीज आवंटन रद्द, अब फिर होगी नीलामी; फॉरेस्ट क्लीयरेंस के चलते वर्षों से अटका था उत्पादन

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

झारखंड सरकार ने वर्षों पहले नीलाम की गई पांच खदानों का लीज आवंटन रद्द कर दिया है। इनमें दो सोना, एक लौह अयस्क और दो ग्रेफाइट खदान शामिल हैं। जरूरी मंजूरियां और फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण इन खदानों में अब तक उत्पादन शुरू नहीं हो सका था। सरकार ने अब इन खदानों की दोबारा नीलामी कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबंधित विभाग को दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। लीज रद्द किए जाने की अधिसूचना खान विभाग के संयुक्त सचिव जियाउल अंसारी की ओर से जारी की गई है।

फॉरेस्ट क्लीयरेंस के कारण अटका रहा खनन

69.240 हेक्टेयर में फैली परासी सोना खदान की नीलामी 1 नवंबर 2017 को हुई थी। इसे रुंगटा माइंस लिमिटेड ने हासिल किया था। कंपनी को जनवरी 2021 तक उत्पादन शुरू करना था, लेकिन फॉरेस्ट क्लीयरेंस समेत जरूरी मंजूरियां नहीं मिलने के कारण खनन शुरू नहीं हो सका।

इसी तरह पश्चिमी सिंहभूम जिले के 272.651 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थित बड़ा पहाड़डीहा गोल्ड ब्लॉक की नीलामी अक्टूबर 2016 में हुई थी। इसे मैथन इस्पात लिमिटेड ने हासिल किया था। निर्धारित समय के भीतर यहां भी खनन कार्य शुरू नहीं हो पाया।

सारंडा क्षेत्र का भनगांव आयरन ओर ब्लॉक भी शामिल

पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी क्षेत्र और सारंडा वन प्रभाग में स्थित भनगांव आयरन ओर ब्लॉक का आवंटन 2018 में ई-नीलामी के जरिए साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड को हुआ था। बताया गया है कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस और अन्य जरूरी एनओसी नहीं मिलने के कारण यहां भी उत्पादन शुरू नहीं हो सका।

अब सरकार ने इस ब्लॉक का लीज आवंटन भी रद्द कर दिया है।

फैसले को ट्रिब्यूनल में चुनौती दे सकती हैं कंपनियां

सरकार के फैसले के बाद संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों की ओर से इसे माइनिंग ट्रिब्यूनल में चुनौती देने की बात कही गई है। कंपनियों का कहना है कि खनन शुरू होने में देरी के लिए वे जिम्मेदार नहीं थीं और सरकारी मंजूरियां तथा फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ सकीं।

फिलहाल राज्य सरकार ने पांचों खदानों का लीज आवंटन रद्द कर दिया है। अब इन खदानों की दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है।

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