नदी किनारे मिली साइकिल, कपड़े और चप्पल से हुआ हादसे का खुलासा; गोताखोरों ने करीब 15 मिनट में बरामद किए तीनों शव
गिरिडीह: जिले के गांडेय प्रखंड के मेढ़ो स्थित जयंती नदी में मंगलवार शाम गहरे पानी में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही गांडेय गांधीनगर और आसपास के इलाके में मातम पसर गया। तीन बच्चों की एक साथ मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, गांडेय गांधीनगर निवासी चार बच्चे मंगलवार शाम करीब पांच बजे दो साइकिलों से घूमने की बात कहकर घर से निकले थे। शाम करीब सात बजे कुछ ग्रामीणों की नजर जयंती नदी के दोनों छोर के पास लावारिस हालत में खड़ी दो साइकिलों पर पड़ी। साइकिलों के आसपास बच्चों के कपड़े और चप्पल भी रखे हुए थे।
यह देखकर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जुट गए। नदी का पानी गहरा होने के कारण ग्रामीण तत्काल पानी में उतरकर बच्चों की तलाश नहीं कर सके।
इधर, बच्चों के शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन भी उनकी तलाश कर रहे थे। नदी किनारे साइकिल, कपड़े और चप्पल मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और सामान की पहचान की। इसके बाद बच्चों के नदी में डूबने की आशंका और गहरा गई।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बच्चों की तलाश के लिए गोताखोरों को बुलाया गया।
गोताखोरों ने 15 मिनट में बरामद किए तीन शव
रात करीब पौने नौ बजे गोताखोरों की टीम घटनास्थल पर पहुंची और गहरे पानी में बच्चों की तलाश शुरू की। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद तीन बच्चों के शव नदी से बाहर निकाले गए।
मृतकों की पहचान गांडेय गांधीनगर निवासी अंश (14 वर्ष), आदित्य बरनवाल (14 वर्ष) और श्रेयांश (12 वर्ष) के रूप में हुई है। अंश, अनुप राम के पुत्र, आदित्य बरनवाल, विक्की बरनवाल के पुत्र और श्रेयांश, कैलाश राम के पुत्र बताए गए हैं।
हादसे में शामिल चौथे बच्चे के संबंध में उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया है।
तीन बच्चों की मौत से इलाके में शोक
तीनों बच्चों के शव नदी से बाहर निकलते ही घटनास्थल पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई। एक साथ तीन बच्चों की मौत की खबर से पूरे गांधीनगर इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुटे रहे।








