रामगढ़ जेल में बंद अपराधी से संपर्क के जरिए हत्या की साजिश रचने का पुलिस का दावा, पूछताछ में सामने आया 2022 के मुथूट फाइनेंस कांड का कनेक्शन
धनबाद: झरिया के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद की हत्या की कथित साजिश की जांच के दौरान धनबाद के बहुचर्चित मुथूट फाइनेंस डकैती प्रयास कांड का कनेक्शन सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में शामिल आरोपियों में से एक का संपर्क रामगढ़ जेल में बंद अपराधी आसिफ से था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और पुराने आपराधिक मामलों के कनेक्शन की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि रामगढ़ जेल में बंद आसिफ मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है और उसका नाम वर्ष 2022 में हुए मुथूट फाइनेंस डकैती प्रयास कांड में भी सामने आया था। हालांकि, वर्तमान मामले में उसकी भूमिका और पुराने कांड से उसके संबंधों की पुलिस जांच कर रही है।
6 दिसंबर 2022 को मुथूट फाइनेंस में हुई थी डकैती की कोशिश
धनबाद के बैंक मोड़ गुरुद्वारा के समीप स्थित मुथूट फाइनेंस कार्यालय में 6 दिसंबर 2022 को करीब आधा दर्जन अपराधियों ने डकैती की कोशिश की थी। कार्यालय खुलने के दौरान अपराधी अंदर घुसे और कुछ कर्मचारियों को अपने कब्जे में ले लिया था।
घटना की सूचना मिलते ही बैंक मोड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही अपराधियों ने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी और वहां से भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से एक अपराधी की मौत हो गई, जबकि दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। कुछ अपराधी मौके से भागने में सफल रहे थे।
उस समय धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार और बैंक मोड़ थाना प्रभारी पीके सिंह थे। घटना के बाद पुलिस ने फरार अपराधियों की तलाश तेज कर दी थी।
एक सप्ताह में धनबाद में हुई थीं दो बड़ी वारदातें
मुथूट फाइनेंस कांड से कुछ दिन पहले धनबाद के धनसार थाना के समीप गुंजन ज्वेलर्स में भी डकैती हुई थी। इस घटना में अपराधियों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना लूटे जाने की बात सामने आई थी।
लगातार हुई इन वारदातों के कारण उस समय धनबाद में कानून-व्यवस्था को लेकर काफी चर्चा हुई थी।
अधिवक्ता की हत्या की साजिश कैसे हुई नाकाम?
वहीं, झरिया के अधिवक्ता मोहम्मद जावेद की हत्या की कथित साजिश को पुलिस ने शुक्रवार देर रात नाकाम करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को भूली पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी देर रात इलाके में पहुंचने वाले हैं और किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी। रात करीब ढाई बजे दो बाइक पर चार युवक पहुंचे। पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो तीन युवक बाइक से भागने में सफल रहे, जबकि एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया।
पकड़े गए युवक की पहचान आसिफ आलम, निवासी ईस्ट बसुरिया, के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक तलाशी के दौरान उसके पास से एक देशी कट्टा और एक गोली बरामद हुई।
पूछताछ में सामने आया जेल में बंद अपराधी से संपर्क
पुलिस के अनुसार, आसिफ आलम से पूछताछ के दौरान पता चला कि उसका संपर्क रामगढ़ जेल में बंद एक अपराधी से था। पुलिस का दावा है कि इसी संपर्क के जरिए झरिया निवासी अधिवक्ता जावेद की हत्या की योजना बनाई जा रही थी।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि अधिवक्ता की हत्या की कथित साजिश में रामगढ़ जेल में बंद अपराधी की क्या भूमिका थी और इसका वर्ष 2022 के मुथूट फाइनेंस डकैती प्रयास कांड से किस तरह संबंध है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।








