गुमला में आधी रात अवैध बॉक्साइट खनन पर ग्रामीणों का छापा, 2 ट्रक और JCB पकड़ी

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गुमला: डुमरी प्रखंड के मझगांव पंचायत अंतर्गत लुचुत पाठ क्षेत्र में कथित अवैध बॉक्साइट खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध तरीके से बॉक्साइट का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। इसी सूचना के बाद मझगांव पंचायत की मुखिया ज्योति बहेर देवी ग्रामीणों के साथ रात करीब 12:30 बजे कथित खनन स्थल पर पहुंचीं। ग्रामीणों के पहुंचते ही वहां मौजूद लोग मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद दो ट्रक और एक JCB मशीन को रोक लिया।

रात के अंधेरे में खनन का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, लुचुत पाठ क्षेत्र में रात के समय बॉक्साइट का उत्खनन किया जा रहा था। सूचना मिलने पर मुखिया ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों को देखते ही कथित तौर पर खनन में शामिल लोग वाहन छोड़कर फरार हो गए।

इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों ट्रकों और JCB मशीन को मौके पर ही रोक दिया और मामले की जानकारी संबंधित विभाग को दी।

मुखिया ने प्रशासन पर लगाया कार्रवाई में लापरवाही का आरोप

मुखिया ज्योति बहेर देवी का आरोप है कि लुचुत पाठ क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बॉक्साइट खनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद कथित अवैध खनन जारी रहने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

वन विभाग ने शुरू की जांच

मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रभारी वनपाल राजकुमार साहू मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की। वन विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि मौके पर खनन की गतिविधियां किस तरह संचालित की जा रही थीं और पकड़े गए वाहनों व मशीन का इस्तेमाल किस कार्य में किया जा रहा था।

मामले के सामने आने के बाद डुमरी क्षेत्र में अवैध खनन पर निगरानी और खनन टास्क फोर्स की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

उपायुक्त को दी गई जानकारी

मुखिया ज्योति बहेर देवी ने फोन के माध्यम से गुमला उपायुक्त दिलीप कुमार महतो को पूरे मामले की जानकारी देने और अवैध बॉक्साइट खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने की बात कही है। उन्होंने ग्रामीणों से जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए जागरूक और एकजुट रहने की अपील की।

पर्यावरण को नुकसान का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कथित अवैध बॉक्साइट खनन से जंगल और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। उनका आरोप है कि निर्धारित खनन क्षेत्र से बाहर भी उत्खनन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खनन गतिविधियों के दौरान पेड़ों और जंगल को नुकसान पहुंचने के साथ धूल एवं प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के मामलों में शिकायत के बावजूद स्थायी कार्रवाई नहीं होने से ऐसी गतिविधियां दोबारा शुरू हो जाती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

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