संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
सिमडेगा। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहां एक 108 एंबुलेंस को दूसरी 108 एंबुलेंस के सहारे टोचन कर ले जाया जा रहा है। इस तस्वीर ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, खराब पड़ी एंबुलेंस पिछले करीब एक महीने से बंद थी। लंबे समय तक खड़ी रहने के बाद अब इसे दूसरी एंबुलेंस की मदद से खींचकर ले जाया गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी मरीज को आपात स्थिति में तत्काल एंबुलेंस की जरूरत पड़े, तो समय पर उसे चिकित्सा सुविधा कैसे उपलब्ध कराई जाएगी?
13 में से 8 एंबुलेंस खराब होने का दावा
बताया जा रहा है कि सिमडेगा जिले में कुल 13 एंबुलेंस उपलब्ध हैं, जिनमें से करीब 8 एंबुलेंस खराब पड़ी हुई हैं। यानी आधे से अधिक एंबुलेंस फिलहाल सेवा में नहीं हैं।
108 एंबुलेंस सेवा विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में बड़ी संख्या में एंबुलेंस के खराब होने से मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ सकती है।
व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
एंबुलेंस की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा में इस्तेमाल होने वाले वाहनों का नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है। खराब एंबुलेंस के कारण किसी गंभीर मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से खराब पड़ी एंबुलेंस को जल्द दुरुस्त कराने तथा जिले की एंबुलेंस व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की है।








