माइनिंग चालान को लेकर अजहर इस्लाम ने उठाए सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग

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कहा—जनता के हक और सरकारी राजस्व से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, साक्ष्यों के आधार पर सामने लाई जाएगी सच्चाई

पाकुड़। पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व एनडीए प्रत्याशी सह समाजसेवी एवं पत्थर व्यवसायी अजहर इस्लाम ने सोशल मीडिया के माध्यम से पाकुड़ मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पत्थर लदे वाहनों के परिचालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि क्षेत्र में बिना वैध माइनिंग चालान अथवा परमिट के पत्थर लदे वाहनों के संचालन और कथित अवैध वसूली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

अजहर इस्लाम ने कहा कि यदि इस तरह की शिकायतों में सच्चाई है तो यह न केवल सरकारी राजस्व के लिए गंभीर विषय है, बल्कि कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच की मांग

सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में अजहर इस्लाम ने पाकुड़ मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि लगाए जा रहे आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला किसी आरोप के आधार पर नहीं बल्कि निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगाना उद्देश्य नहीं है, बल्कि पूरे मामले की वास्तविकता रिकॉर्ड और प्रमाण के माध्यम से सामने आनी चाहिए।

जानकीनगर के रास्ते से गुजरते हैं वाहन

अजहर इस्लाम के अनुसार, बिना वैध माइनिंग चालान या परमिट के संचालित होने का आरोप लगाए जा रहे कई पत्थर लदे वाहन उनके गांव जानकीनगर के रास्ते से गुजरते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे वाहनों का परिचालन बंद नहीं हुआ तो जानकीनगर एवं आसपास के ग्रामीणों के साथ मिलकर कानून के दायरे में शांतिपूर्ण जन आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।

CCTV और सरकारी रिकॉर्ड के मिलान की बात

अजहर इस्लाम ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से संबंधित चेकपोस्टों से प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों तथा उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि CCTV रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण सामने आते हैं तो साक्ष्यों के साथ शिकायत राज्य के वरीय अधिकारियों के समक्ष रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित केंद्रीय अधिकारियों या एजेंसियों को भी मामले की जानकारी देने की बात उन्होंने कही है।

“यह किसी व्यक्ति से निजी दुश्मनी की लड़ाई नहीं”

अजहर इस्लाम ने अपने बयान में कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के साथ निजी दुश्मनी की नहीं है। उनका उद्देश्य पाकुड़ की जनता के हित, सरकारी राजस्व और कानून के सम्मान को सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि अब केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं होगी, बल्कि सच्चाई को रिकॉर्ड और साक्ष्यों के आधार पर सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

माइनिंग चालान, पत्थर लदे वाहनों के परिचालन और कथित अवैध वसूली को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रशासन एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति निष्पक्ष जांच एवं सरकारी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: इस रिपोर्ट में उल्लेखित आरोप एवं दावे अजहर इस्लाम द्वारा सोशल मीडिया पर जारी बयान पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों या थाना प्रभारी का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जायेगा।

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