संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची: JSSC CGL, CDPO और FSO परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मामले में समान आदेश का पालन किया जाएगा। अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई 15 तारीख को होगी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा। वहीं, प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स समेत अन्य अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। मामले में हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने अपनी दलीलें रखीं। वहीं, JSSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।
परीक्षा रद्द होने से प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत
हाईकोर्ट की ओर से सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद JSSC CGL और CDPO से जुड़े अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अदालत के आदेश की जानकारी मिलते ही सफल अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल देखने को मिला। अभ्यर्थियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और फैसले का स्वागत किया।
CGL पर आज ही दाखिल हुई थी याचिका
JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों की ओर से आज ही हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इसके बाद अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए फिलहाल सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी।
वहीं, इससे एक दिन पहले हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा और FSO परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर भी रोक लगाई थी।
15 तारीख को होगी विस्तृत सुनवाई
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब 15 तारीख को मामले की विस्तृत सुनवाई होगी। इस सुनवाई पर अभ्यर्थियों के साथ-साथ राज्य सरकार और JSSC की भी नजर रहेगी।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले से प्रभावित अभ्यर्थियों में राहत और उम्मीद का माहौल है।









