बर्मामाइंस में आफताब आलम की मौत के बाद फूटा लोगों का गुस्सा, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

जमशेदपुर: बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित कंटेनर यार्ड में रविवार रात हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में गंभीर रूप से घायल ठेकेदार आफताब आलम की मंगलवार तड़के कोलकाता के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। आफताब की मौत की खबर मिलते ही बर्मामाइंस मुस्लिम बस्ती में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए।

प्रदर्शनकारियों ने बर्मामाइंस मुख्य सड़क पर टायर जलाकर विरोध-प्रदर्शन किया और हत्या में शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की भी मांग उठाई।

शव आने के बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो कोलकाता से शव आने के बाद उसे थाने में रखकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

सूचना मिलते ही सिटी डीएसपी, बर्मामाइंस थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

छह आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी

पुलिस ने आफताब आलम के परिजनों के बयान के आधार पर मुस्लिम बस्ती निवासी शहबाज उर्फ भोंदु, आयान, रेहान, उदय महतो समेत अन्य दो युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

आफताब को लगी थीं पांच गोलियां

जानकारी के अनुसार, रविवार रात बर्मामाइंस थाना से करीब 200 मीटर दूर कंटेनर यार्ड स्थित रेलवे साइडिंग के पास दो बाइकों पर सवार छह हमलावरों ने आफताब आलम पर करीब 20 राउंड फायरिंग की थी। इस हमले में उन्हें पांच गोलियां लगी थीं।

गंभीर रूप से घायल आफताब को पहले टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के अपोलो अस्पताल रेफर किया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

नशे के खिलाफ अभियान से जोड़कर देख रहे स्थानीय लोग

घटना के बाद इलाके में ब्राउन शुगर के बढ़ते कारोबार को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि पुलिस की अपील पर मुस्लिम बस्ती के युवाओं ने एक दिन पहले नशे के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली थी। आरोप है कि इसी अभियान से नाराज अपराधियों ने आफताब आलम को निशाना बनाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय आफताब अपने कार्यालय से घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी दो बाइकों पर सवार छह बदमाश पहुंचे और तीन दिशाओं से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

घटना के बाद पुलिस और जीआरपी ने संयुक्त रूप से घटनास्थल की जांच की थी। मौके से 13 खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया था। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच करते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

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