पलामू: पलामू जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना को लेकर लंबे समय से चल रहा भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। चियांकी क्षेत्र में मुआवजे की मांग को लेकर विरोध कर रहे ग्रामीणों और प्रशासनिक टीम के बीच जमकर पथराव हुआ, जिसमें कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, फ्लाईओवर निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन के उचित मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। गुरुवार को प्रशासनिक टीम निर्माण कार्य शुरू कराने के उद्देश्य से मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां एकत्र हो गए और मुआवजा मिलने तक निर्माण कार्य रोकने की मांग करने लगे।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और हालात हिंसक हो गए। इस दौरान दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी अफजाल अंसारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई।
प्रशासन ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंच गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अधिग्रहित भूमि का उचित और पूर्ण मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक फ्लाईओवर निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। उनका आरोप है कि मुआवजा प्रक्रिया में लगातार देरी हो रही है और प्रभावित परिवारों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मुआवजे से जुड़े कुछ तकनीकी और दस्तावेजी कार्य अभी प्रक्रियाधीन हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा और लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाएगा।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा हिंसक झड़प के कारणों और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।




