कोयला चोरी पर सख्त हुआ कोल इंडिया, कतरास-बाघमारा पहुंचे CVO, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

धनबाद: धनबाद के कतरास-बाघमारा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही कोयला चोरी, अवैध खनन और कोयला अधिकारियों पर हमलों की घटनाओं ने कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) ने कतरास-सिजुआ क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न कोलियरियों, उत्खनन परियोजनाओं और कांटा घरों का निरीक्षण किया।

दौरे के दौरान सीवीओ ने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और नियंत्रण कक्षों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सीवीओ ने कोयला अधिकारियों, सीआईएसएफ, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और सुरक्षा बलों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करें।

उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की भी सलाह दी। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र की गतिविधियों से भली-भांति परिचित होते हैं और उनकी सूचना अपराध नियंत्रण में काफी मददगार साबित हो सकती है। इसके अलावा उन्होंने निर्देश दिया कि कोल डंप, कांटा घर या अन्य संवेदनशील स्थलों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों या वाहनों की तस्वीर और वाहन का पंजीकरण नंबर सुरक्षित रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर अपराधियों तक आसानी से पहुंचा जा सके।

दरअसल, कतरास-बाघमारा क्षेत्र लंबे समय से कोयला चोरी और उससे जुड़े अपराधों के लिए कुख्यात रहा है। हाल के दिनों में ब्लॉक-2 क्षेत्र में सीसीटीवी निरीक्षण के दौरान दो महाप्रबंधकों पर हमला किया गया था और उन्हें अगवा करने की भी कोशिश की गई थी। हालांकि, सीआईएसएफ की त्वरित कार्रवाई से बड़ी घटना टल गई थी।

इसके अलावा कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक की गाड़ी पर भी रास्ते में हमला किया गया था। हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए कहा था कि “इस बार तो बच गए, अगली बार नहीं बचेंगे।” इन घटनाओं के बाद कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने बैठक कर अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी और कहा था कि असुरक्षा के माहौल में कार्य करना लगातार कठिन होता जा रहा है।

कोल इंडिया के शीर्ष अधिकारियों के इस दौरे को क्षेत्र में कोयला चोरी और उससे जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि सख्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बाद अवैध खनन और कोयला चोरी पर कितना प्रभाव पड़ता है।

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