संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची: TDPL एजेंसी को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया है कि जब झारखंड में इसी एजेंसी को लेकर CBI जांच की मांग की जा रही है, तो उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार कथित तौर पर CBI जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट क्यों गई।
JMM ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि झारखंड में TDPL एजेंसी से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच CID कर रही है। पार्टी के मुताबिक, इस मामले में आयोग के अध्यक्ष, एजेंसी के डायरेक्टर समेत करीब 20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
यूपी के मामले का दिया हवाला
JMM ने अपने पोस्ट में दावा किया कि TDPL एजेंसी पर उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद में नियुक्तियों में कथित गड़बड़ी के आरोप भी लगे थे। यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां से CBI जांच का आदेश दिए जाने की बात JMM ने कही है।
झामुमो का आरोप है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, ताकि मामले की CBI जांच नहीं हो सके।
‘भाजपा का दोहरा रवैया क्यों?’
JMM ने इसी मुद्दे को लेकर भाजपा से सवाल किया है कि एक ओर पार्टी झारखंड में TDPL मामले की CBI जांच की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार कथित तौर पर इसी एजेंसी से जुड़े मामले में CBI जांच के खिलाफ अदालत पहुंची।
पार्टी ने कहा कि यदि TDPL से जुड़े मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जरूरत है, तो दोनों राज्यों में एक समान रुख होना चाहिए।
झारखंड में CBI जांच की मांग
TDPL विवाद को लेकर झारखंड में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। भाजपा की ओर से झारखंड में कथित परीक्षा अनियमितताओं की CBI जांच की मांग की जा रही है, जबकि JMM राज्य सरकार की CID जांच का हवाला देते हुए भाजपा के रुख पर सवाल उठा रहा है।
अब TDPL एजेंसी से जुड़े आरोपों और विभिन्न राज्यों में इसकी भूमिका को लेकर सियासी विवाद और गहराने के आसार हैं।









