सरकारी बैठक में BDO की कुर्सी पर बैठे नेता जी, चुनाव आयोग ने दिखाई सख्ती, दो अधिकारी निलंबित

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

साहिबगंज: साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड में सरकारी बैठक के दौरान सामने आए चर्चित “कुर्सी कांड” पर अब चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक नियमों और प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

मामला उस समय चर्चा में आया जब उधवा प्रखंड में आयोजित एक सरकारी बैठक के दौरान झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष अयूब अली खान कथित तौर पर बीडीओ की कुर्सी पर बैठकर बैठक में शामिल हुए। बैठक की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने जांच के आदेश दिए। जांच में पाया गया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान निर्धारित प्रशासनिक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि एक राजनीतिक दल के पदाधिकारी को सरकारी बैठक में विशेष महत्व दिया गया, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

निर्वाचन आयोग का कहना है कि अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती है और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने भी इस मामले को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेताओं ने इसे प्रशासनिक निष्पक्षता के लिए गंभीर मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।

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