संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची: झारखंड के करीब 11 हजार नवनियुक्त सहायक आचार्यों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने आगामी 31 मई तक सभी नवनियुक्त सहायक आचार्यों को वेतन भुगतान करने का फैसला लिया है। पिछले नौ महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
मंगलवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से सवाल किया कि नियुक्ति के नौ महीने बीत जाने के बावजूद सहायक आचार्यों को अब तक वेतन क्यों नहीं मिला। विभाग की ओर से सर्टिफिकेट जांच प्रक्रिया में देरी को कारण बताया गया, जिस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सर्टिफिकेट जांच विभाग का आंतरिक कार्य है और इसकी वजह से कार्यरत शिक्षकों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पात्र शिक्षकों का वेतन हर हाल में समय पर जारी किया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने भी मुख्यमंत्री के निर्देश का समर्थन करते हुए कहा कि सर्टिफिकेट जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन वेतन भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी सहायक आचार्य का प्रमाण पत्र फर्जी या जाली पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अब तक दिए गए वेतन की राशि की वसूली भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) को 30 मई तक सभी सहायक आचार्यों के प्रमाण पत्रों की जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद 31 मई तक सभी पात्र शिक्षकों के बैंक खातों में वेतन भेज दिया जाएगा।







