वरिष्ठ साहित्यकार विजय कुमार ‘भारती’ का निधन,समाजसेवा और भाषा आंदोलन के रहे अगुवा

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वरिष्ठ साहित्यकार विजय कुमार ‘भारती’ का निधन, संथाल परगना में शोक की लहर

साहिबगंज, संवाददाता। जिले के प्रख्यात साहित्यकार, समाजसेवी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व संघचालक विजय कुमार ‘भारती’ का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही साहेबगंज सहित पूरे संथाल परगना क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और साहित्यिक व सामाजिक जगत ने गहरी संवेदना व्यक्त की।

विजय कुमार ‘भारती’ भारतीय रेल सेवा से लंबे समय तक जुड़े रहे और 1 जुलाई 2016 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवा निवृत्ति के बाद उन्होंने स्वयं को पूरी तरह साहित्य, भाषा और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। वे हिंदी और भोजपुरी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर सक्रिय रहे और क्षेत्रीय साहित्य को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वे आरण्यक काव्य मंच, साहेबगंज के संस्थापक थे तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद, झारखंड प्रदेश में उपाध्यक्ष एवं संथाल परगना प्रमंडल के प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद, साहेबगंज के संरक्षक और राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान, झारखंड प्रदेश के महामंत्री के रूप में भी उन्होंने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज में मध्यस्थ के रूप में भी वे समाज सेवा से जुड़े रहे।

हिंदी राजभाषा के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2010 में पूर्व रेलवे मालदा, कोलकाता और रेल मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त उन्हें साहेबगंज गौरव सम्मान (2017), भोजपुरी साहित्यकार सम्मान (2021), राजभाषा गौरव सम्मान (2022) तथा सर्वभाषा साहित्यकार सम्मान (2024) सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया।

उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। शोकाकुल लोगों ने कहा कि विजय कुमार ‘भारती’ का योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा और उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल दें।

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