बेंगलुरु । कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आईपीएल मैच के दौरान हुई मोबाइल चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए बेंगलुरु सिटी पुलिस ने झारखंड के साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ क्षेत्र से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित नाबालिग सदस्यों को पकड़ते हुए चोरी के 21 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, 28 मार्च 2026 को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर बनाम सनराइजर्स हैदराबाद मैच के दौरान स्टेडियम और उसके आसपास भारी भीड़ का फायदा उठाकर इस गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। मैच के दिन और उसके आसपास के क्षेत्रों—एमजी रोड, कब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन तथा स्टेडियम के प्रवेश और निकास द्वारों—से कुल 25 से 29 मोबाइल चोरी की शिकायतें दर्ज कराई गईं। कुछ मोबाइल स्टेडियम के भीतर से तो कुछ बाहर भीड़भाड़ वाले इलाकों से गायब हुए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कब्बन पार्क थाना पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, मोबाइल फोन के IMEI नंबर के आधार पर तकनीकी सर्विलांस किया गया और संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। जांच में सामने आया कि यह वारदात किसी एक-दो लोगों का काम नहीं, बल्कि एक संगठित और प्रशिक्षित गिरोह द्वारा अंजाम दी गई थी, जो पहले से पूरी तैयारी के साथ बेंगलुरु पहुंचा था।
जांच के दौरान पुलिस ने झारखंड के साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ निवासी 26 वर्षीय शुभम कुमार को शिवाजीनगर क्षेत्र के एक होटल से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने गिरोह के लगभग 10-11 सदस्यों, जिनमें अधिकांश नाबालिग थे, के साथ मैच से दो दिन पहले ही बेंगलुरु पहुंचा था। सभी ने अलग-अलग माध्यमों—ट्रेन और हवाई जहाज—से यात्रा की, शहर में होटल बुक किए और पहले से स्टेडियम तथा आसपास के क्षेत्रों की रेकी की थी।

गिरोह का काम करने का तरीका बेहद सुनियोजित था। सभी सदस्य आरसीबी की जर्सी पहनकर आम दर्शकों की तरह भीड़ में घुल-मिल जाते थे। जैसे ही मौका मिलता, वे बेहद सफाई से मोबाइल फोन निकालकर तुरंत अपने अन्य साथियों को पास कर देते, जिससे किसी एक व्यक्ति पर शक करना मुश्किल हो जाता। इस दौरान भीड़भाड़, शोर-शराबा और मैच का उत्साह उनके लिए ढाल का काम करता था।
पुलिस ने मुख्य आरोपी की निशानदेही पर 3-4 नाबालिग सदस्यों को भी हिरासत में लिया है, जिन्हें बाद में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर जुवेनाइल होम भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 21 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें 14 आईफोन सहित अन्य महंगे ब्रांड शामिल हैं। बरामद मोबाइल की कुल कीमत लगभग 18 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अब भी गिरोह के अन्य फरार सदस्यों और बाकी चोरी किए गए मोबाइल की तलाश में छापेमारी कर रही है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह नाबालिगों का इस्तेमाल चोरी के लिए करता था और उन्हें प्रति मोबाइल के हिसाब से भुगतान किया जाता था। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह के तार अन्य राज्यों में हुई इसी तरह की घटनाओं से भी जुड़ने की आशंका जताई गई है।
पुलिस आयुक्त के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और क्राइम टीमों के समन्वित प्रयास से इस पूरे मामले का खुलासा 48 घंटे के भीतर कर लिया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे बड़े आयोजनों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सतर्क रहें तथा अपने मोबाइल और कीमती सामान की विशेष सुरक्षा करें।

यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि बड़े आयोजनों में संगठित अपराधी गिरोह किस तरह योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देते हैं। हालांकि बेंगलुरु सिटी पुलिस की त्वरित और तकनीकी कार्रवाई से इस गिरोह का भंडाफोड़ कर लिया गया, लेकिन इसने सुरक्षा व्यवस्था और व्यक्तिगत सतर्कता दोनों की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।
संवाददाता जितेन्द्र सेन
Reporter JOURNALIST JICHU SEN
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