रांची | संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा से जुड़ा विवाद फिर से सुर्खियों में है। इस बार मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। परीक्षा में शामिल कुछ छात्रों ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की है। छात्रों का कहना है कि वे न्याय की आखिरी उम्मीद के तौर पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं और वहां से निष्पक्ष फैसला मिलने की उम्मीद है।
हाईकोर्ट का आदेश और छात्रों की चुनौती
गौरतलब है कि 3 दिसंबर 2025 को झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले में फैसला सुनाया था। अदालत ने 10 अभ्यर्थियों के परिणाम पर रोक लगाते हुए बाकी सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति का मार्ग साफ कर दिया। इस आदेश के खिलाफ अब कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर फिलहाल सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है।
JSSC ने जारी की मेरिट लिस्ट
हाईकोर्ट के आदेश के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने सफल अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बाकी नियुक्तियां हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप पूरी की जाएंगी।
सुप्रीम कोर्ट से अंतिम दिशा की उम्मीद
अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं, जहां से इस लंबे समय से चल रहे विवाद पर अंतिम दिशा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि शीर्ष अदालत का निर्णय परीक्षा प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की भविष्य की नियुक्तियों के लिए निर्णायक साबित होगा।









