ब्राज़ील की सियासत में बड़ा भूचाल तब आया जब देश के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति जयर बोल्सोनारो को 27 साल की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले ने पूरे ब्राज़ील में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि बोल्सोनारो 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बावजूद सत्ता में बने रहने के लिए अवैध प्रयासों और साजिश में शामिल पाए गए। आरोपों के अनुसार, उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा की सरकार को गिराने की योजना तैयार की थी। अदालत ने इस साजिश को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोल्सोनारो की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की, जिससे निर्णय पर मुहर लग गई और कोर्ट ने उन्हें कठोर सजा सुनाते हुए 27 साल की कैद का आदेश जारी कर दिया।
ब्राज़ील में यह फैसला लोकतंत्र की सुरक्षा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, बोल्सोनारो के समर्थक इस निर्णय को राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं।
यह मामला न केवल ब्राज़ील की राजनीति बल्कि वैश्विक स्तर पर भी ध्यान का केंद्र बना हुआ है, क्योंकि यह दिखाता है कि लोकतांत्रिक संस्थाएँ सत्ता के दुरुपयोग पर कितनी सख्त कार्रवाई कर सकती हैं।









