रांची (RANCHI):
रेल हादसों की रोकथाम और ट्रेनों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में रांची रेल डिवीजन ने एक नया कदम उठाया है। अब यहां ट्रेनों की सुरक्षा के लिए ‘मास्टर बजर अलर्ट सिस्टम’ लगाया जा रहा है। यह आधुनिक तकनीक किसी ट्रेन के गलत ट्रैक पर जाने या असामान्य मूवमेंट होने पर तुरंत अलार्म बजाकर स्टेशन मास्टर और ऑपरेटर को सतर्क कर देगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ समन्वयित होकर काम करता है। जैसे ही किसी ट्रेन की दिशा या सिग्नल में कोई गड़बड़ी होती है, सिस्टम तीन मिनट के भीतर स्वतः बजर बजा देता है, ताकि समय रहते हादसे को टाला जा सके। सामान्य परिस्थितियों में यह सिस्टम हमेशा चालू रहता है और केवल आपात स्थिति में अलर्ट जारी करता है।
🛠️ 12 स्टेशनों पर इस महीने के अंत तक इंस्टॉलेशन
रांची रेल डिवीजन के कुल 12 स्टेशनों पर इस सिस्टम को इस महीने के अंत तक लगाने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लागू होने के बाद रेल परिचालन की सुरक्षा एक नए और आधुनिक स्तर पर पहुंच जाएगी।
🗣️ डीआरएम करुणानिधि सिंह का बयान
रांची रेल मंडल प्रबंधक (DRM) करुणानिधि सिंह ने बताया कि रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए कई नई योजनाएं शुरू की गई हैं।
“मास्टर बजर सिस्टम हमारी सुरक्षा योजनाओं का अहम हिस्सा है। इसके साथ ही छह मानव रहित रेलवे क्रॉसिंगों को खत्म कर वहां रोड ओवरब्रिज (ROB) या फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाने का काम भी तेजी से जारी है,” — उन्होंने कहा।
⚙️ होलो टायर डिफेक्ट की पहचान पर ट्रेनें होंगी सेवा से बाहर
डीआरएम ने यह भी बताया कि रांची रेल डिवीजन से चलने वाली ट्रेनों में अब ‘होलो टायर डिफेक्ट’ (Hollow Tyre Defect) पाए जाने पर उन्हें तुरंत सेवा से हटा दिया जाएगा। यह दोष पहियों की सतह के घिसने या गलत ब्रेक ब्लॉक के उपयोग से उत्पन्न होता है, जिससे पटरी से उतरने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
🚦 सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
रांची रेल डिवीजन में अपनाई जा रही ये नई तकनीकें रेलवे की सुरक्षा प्रणाली को और अधिक भरोसेमंद, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बना रही हैं।









