रांची।
हिंदूवादी नेता भैरव सिंह को गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति अंबुज नाथ की अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें बेल प्रदान कर दी। कोर्ट ने 20-20 हजार रुपये के दो निजी मुचलके जमा करने की शर्त पर जमानत मंजूर की है।
यह मामला रांची के चुटिया थाना क्षेत्र में हुए विवाद से संबंधित है। इस प्रकरण में चुटिया थाना कांड संख्या 125/2025 के तहत विभिन्न आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद भैरव सिंह ने पहले रांची सिविल कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे 13 अगस्त को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली।
सुनवाई के दौरान भैरव सिंह की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने पक्ष रखा और कहा कि उनके मुवक्किल को झूठे आरोपों में फंसाया गया है तथा ट्रायल तक निरुद्ध रखना उचित नहीं होगा। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि जांच में सहयोग करने को लेकर आरोपित पूरी तरह तैयार हैं।
वहीं, सरकारी पक्ष ने गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शर्तों के साथ जमानत दे दी।
भैरव सिंह की रिहाई के फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया पर भी इस निर्णय को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि भैरव सिंह मामले से जुड़े शर्तों का पालन करते हुए जांच में पूर्ण सहयोग करेंगे और बिना अनुमति के रांची क्षेत्र से बाहर नहीं जाएंगे।









