देव दीप साहित्य संगम की मासिक काव्य गोष्ठी सम्पन्न, महान साहित्यकारों को दी गई श्रद्धांजलि

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संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता

गोरखपुर। देव दीप साहित्य संगम के तत्वावधान में रविवार, 2 नवंबर को विश्वकर्मा मंदिर, मानसरोवर स्थित झूलेलाल मंदिर के पीछे भव्य मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह साहित्यिक आयोजन उत्तर प्रदेश पूर्वांचल के महान साहित्यकार एवं विद्वान पंडित रामदरश मिश्र और डॉ. उपेन्द्र प्रसाद को समर्पित रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रप्रकाश वर्मा ‘अकिंचन’ जी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बहार गोरखपुरी और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिमा यादव पंखुड़ी, अरविन्द शर्मा तथा कृष्णा कुमार श्रीवास्तव शामिल हुए। गोष्ठी की शुरुआत वीणा पाणि को माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

📖 कवियों ने काव्य की सुरभि बिखेरी
गोष्ठी में शामिल साहित्यकारों और कवियों ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से उपस्थित श्रोता-समाज को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इनमें प्रमुख रूप से –
अभय श्रीवास्तव, बिंदु चौहान, दयानन्द त्रिपाठी ‘व्याकुल’, दानिका प्रसाद इंजीनियर, छेदी लाल वर्मा ‘रहबर’, राजेश मृदुल, दीपक सैनी, ब्रह्मनाथ पांडेय ‘मधुर’, प्रेमचंद्र निगम, प्रेमलता सिंह, अजित यादव, डॉ. एस.के. विश्वकर्मा, सूरज राम आदित्य, राघवेंद्र मिश्र, अजित प्रताप सिंह, नंदलाल मणि त्रिपाठी और दिनेश गोरखपुरी आदि की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

🎤 उत्कृष्ट संचालन की सराहना
कार्यक्रम का संचालन नंदकुमार त्रिपाठी ‘नन्द’ ने अत्यंत आकर्षक और प्रभावशाली शैली में किया, जिसकी उपस्थित सभी साहित्यप्रेमियों ने सराहना की।

🙏 श्रद्धांजलि और समापन
समापन सत्र में अध्यक्ष दिनेश गोरखपुरी ने सभी अतिथियों, कवियों और श्रोताओं के प्रति आभार प्रकट किया। तत्पश्चात पंडित रामदरश मिश्र और डॉ. उपेन्द्र प्रसाद की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

🌟 साहित्यिक ऊर्जा से भर गया वातावरण
गोष्ठी ने साहित्य प्रेमियों के हृदय में नई प्रेरणा और उत्साह का संचार किया तथा साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने की संकल्पना को और मजबूत किया।

देव दीप साहित्य संगम की यह मासिक गोष्ठी उत्तर प्रदेश पूर्वांचल में साहित्यिक संस्कृति को सुदृढ़ करने का सराहनीय प्रयास साबित हुई।

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