???? भारत का स्वर्ण भंडार 108 अरब डॉलर के पार, गोल्ड रिजर्व में रिकॉर्ड वृद्धि

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संथाल हूल एक्सप्रेस नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेतों के बीच देश का स्वर्ण भंडार एक बार फिर नई ऊंचाई छू रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल गोल्ड रिजर्व 31 अरब डॉलर की बढ़ोतरी के साथ 108 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

मार्च 2025 में यह भंडार 77 अरब डॉलर था, जिसे देखते हुए कम समय में स्वर्ण भंडार में यह उछाल उल्लेखनीय माना जा रहा है।

???? क्यों बढ़ा भारत का स्वर्ण भंडार?

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं—

1️⃣ RBI द्वारा गोल्ड होल्डिंग में वृद्धि
पिछले कुछ महीनों में रिजर्व बैंक ने बड़ी मात्रा में नया सोना खरीदा है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार का सुरक्षा कवच और मजबूत हुआ है।

2️⃣ अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार उछाल
विश्व स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव तथा प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों के अस्थिर रुख के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।

???? भारत पर क्या होगा प्रभाव?

विदेशी मुद्रा भंडार की मजबूती से रुपए की स्थिरता बनी रहेगी

आर्थिक उतार-चढ़ाव के दौर में वित्तीय सुरक्षा बढ़ेगी

आयात निर्भरता और निवेश जोखिमों में कमी आएगी

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों का यह रुझान जारी रहा, तो भारत का स्वर्ण भंडार आने वाले महीनों में और बढ़ सकता है।

भारत इस समय दुनिया के बड़े स्वर्ण धारक देशों में शामिल है, और हालिया वृद्धि ने इस स्थिति को और सुदृढ़ किया है।

अर्थव्यवस्था के लिए यह उपलब्धि ऐसे समय आई है, जब वैश्विक आर्थिक चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं। सरकार और RBI का यह कदम वित्तीय सुरक्षा और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीति माना जा रहा है।

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