रांची: झारखंड सरकार ने हाल ही में पालतू कुत्तों को लेकर अपने दिशा-निर्देशों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। राज्य में पालतू कुत्तों की खतरनाक मानी जाने वाली नस्लों, जैसे कि पिटबुल, रॉटविलर, और डोगो अर्जेंटीनो, के पालन, खरीद-बिक्री, और प्रजनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय राज्य सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
इस नए नियम के तहत, यदि कोई व्यक्ति इन नस्लों के कुत्तों को पालना चाहता है, तो उसे पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी। अनुमति नहीं लेने पर उल्लंघनकर्ता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम समाज में बढ़ते कुत्तों द्वारा हमलों के मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है।
झारखंड के पशुपालन मंत्री ने कहा, “हम जानते हैं कि कुत्ते अपने मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण साथी होते हैं, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है। इन नस्लों के कुत्तों की स्वभाव के कारण, हम यह कदम उठा रहे हैं।”
कुत्ता प्रेमियों के लिए यह समाचार सुनकर चिंता बढ़ गई है। कई डॉग लवर्स ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि कुत्ते की नस्ल नहीं, बल्कि उसके मालिक का व्यवहार जिम्मेदार होता है। वे इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि उचित प्रशिक्षण और सामाजिककरण से किसी भी कुत्ते को नियंत्रित किया जा सकता है।
इस निर्णय के बाद, झारखंड के पालतू कुत्तों के बाजार में भी परिवर्तन आने की संभावना है। अब लोग इन नस्लों के कुत्तों को अपनाने या बेचने के लिए अधिक सतर्क रहेंगे।
झारखंड सरकार का यह निर्णय देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर यह कदम नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं कुत्तों के प्रेमियों के बीच इसे लेकर मतभेद भी स्पष्ट हो रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या यह प्रतिबंध वास्तव में झारखंड में कुत्तों से होने वाली घटनाओं में कमी लाएगा या नहीं।









