नाइजर में अपहरण किए गए झारखंडी श्रमिकों को वापस लाने हेतु मंगलवार को डिजिटल आंदोलन।

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संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता

रांची:गिरीडीह के पांच मजदूरों का नाइजर में फंसने का मामला तेज होते जा रहा है। गिरिडीह जिला बगोदर प्रखंड के मुंडरो गांव के उत्तम महतो और दोंदलो गांव के संजय महतो, फलजीत महतो, चंद्रिका महतो और राजू महतो का 25 अप्रैल 2025 को पश्चिम अफ्रीका के नाइजर की राजधानी नियामे से लगभग 115 किलोमीटर दूर सकोईरा में कल्पतरु प्रोजेक्ट्स लिमिटेड कंपनी के कार्यस्थल से अपहरण कर लिया गया है। 10 दिन बीत चुका लेकिन अभी तक कुछ ठोस जानकारी नहीं चला सका है। यह घटना न केवल इन श्रमिकों का और उनके परिवार के लिए त्रासदी नहीं है बल्कि यह विदेशों में कार्यरत भारतीयों की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लगाता है।
यह बात कार्यस्थल से सक्रिय आतंकी संगठन द्वारा अपहरण करने की बात है। आतंकियों की बढ़ती सक्रियता का संकेत है।
इसीलिए झारखंडवासियों के साथ साथ समस्त देशवासियों को भी एकजुट होकर चट्टानी एकता का परिचय देते हुए अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपने आवाज को बुलंद करने की आवश्यता है। सामूहिक एकजुटता एवं जागरूकता को लेकर 6 मई मंगलवार को ऑनलाइन डिजिटल ट्विटर कैंपियन रखा गया है।
ट्विटर एक्स एप्लिकेशन पर #bring_back_jharkhandi_workers चलाया जाएगा। “झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा” के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने सामूहिक मीडिया कांफ्रेंस में ज्यादा से ज्यादा ट्वीट री ट्वीट करने का अपील किया है।
यह ट्विटर कैंपियन सुबह 10:00 से पीएमओ ऑफिस, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, को टेग में लेते हुए आरंभ होगी।
देवेंद्र नाथ महतो ने अन्य सभी राजनीतिक, सामाजिक संगठनों एवं जनसाधारण से अधिकतम ट्विट री ट्वीट करते हुए विश्व पटल पर अपने आवाज को मजबूती से रखने का अपिल किया।

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