संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची। खनिजों पर सेस लगाने के राज्यों के अधिकार से जुड़े केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में झारखंड सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 5 और 6 अक्टूबर 2026 को विशेष सत्र बुलाए जाने की संभावना है। इस संबंध में प्रस्ताव 25 सितंबर को होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में लाए जाने की बात कही जा रही है।
हालांकि, कैबिनेट की आधिकारिक मंजूरी के बाद ही विशेष सत्र की तारीख और एजेंडा को अंतिम माना जाएगा। झारखंड सरकार की आधिकारिक कैबिनेट निर्णय सूची में फिलहाल 25 सितंबर 2026 का निर्णय प्रकाशित नहीं हुआ है।
विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने की तैयारी
सरकार की योजना विशेष सत्र के दौरान खनिजों पर सेस और राज्यों के वित्तीय अधिकार से जुड़े मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा कराने की है। इसके बाद केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजे जाने की तैयारी बताई जा रही है।
राज्य सरकार इस पूरे मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी भी कर रही है।
MMDR संशोधन को लेकर झारखंड की आपत्ति
केंद्र सरकार की ओर से Mines and Minerals (Development and Regulation) Act (MMDR) में किए गए संशोधन के बाद खनिज-धारित भूमि पर टैक्स, सेस या अन्य लेवी लगाने के राज्यों के अधिकार को लेकर झारखंड सरकार ने आपत्ति जताई है।
राज्य सरकार का तर्क है कि खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व झारखंड की वित्तीय स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार की ओर से इस संशोधन के संभावित वित्तीय प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री पहले ही दे चुके हैं विशेष सत्र के संकेत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा और आगे की रणनीति तैयार करने के संकेत दे चुके हैं। अब 25 सितंबर की कैबिनेट बैठक में विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर फैसला होने की संभावना है।
राज्य सरकार की ओर से संवैधानिक और कानूनी विकल्पों पर भी आगे बढ़ने की बात कही गई है। मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से भी आंदोलन चलाया जा रहा है।
कैबिनेट बैठक के बाद तस्वीर होगी साफ
फिलहाल विशेष सत्र की संभावित तारीख 5 और 6 अक्टूबर बताई जा रही है। अंतिम फैसला 25 सितंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा और मंजूरी के बाद स्पष्ट होगा। इसके बाद ही विधानसभा सचिवालय की ओर से सत्र की आधिकारिक प्रक्रिया और कार्यक्रम सामने आने की उम्मीद है।








