जामताड़ा: बारिश की पहली ही परीक्षा में फेल हुआ 1.80 करोड़ का दक्षिणबहाल पुल, बह गई एप्रोच रोड

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जामताड़ा: जामताड़ा को देवघर से जोड़ने वाले दक्षिणबहाल जोरिया पर करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से बना एप्रोच मार्ग और डायवर्सन पुल पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। मंगलवार से जिले में हो रही मूसलाधार बारिश के बीच जोरिया और नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। तेज बहाव के कारण पुल पर चढ़ने से पहले जामताड़ा की ओर की एप्रोच सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई है।

मिट्टी बहने से सड़क का एक हिस्सा अंदर से खोखला हो गया है। वहीं, डायवर्सन पुल के ऊपरी हिस्से में भी कई स्थानों पर दरारें दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस पुल और एप्रोच मार्ग का निर्माण करीब छह महीने पहले ही हुआ है। इतने कम समय में सड़क और पुल की स्थिति खराब होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

भारी वाहनों के आवागमन से बढ़ सकता है खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्ग से यदि भारी वाहनों का आवागमन जारी रहा तो सड़क के और धंसने के साथ डायवर्सन पुल को भी नुकसान पहुंच सकता है। इससे जामताड़ा-देवघर मार्ग पर आवागमन बाधित होने के साथ हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार रात हुई बारिश के दौरान पानी पुल के ऊपर से बह रहा था। फिलहाल पानी पुल के नीचे करीब एक से डेढ़ फीट की गहराई में बह रहा है। यदि बारिश लगातार जारी रही और जलस्तर बढ़ा, तो पानी दोबारा पुल के ऊपर से बहने की आशंका है।

निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल

पुल और एप्रोच रोड की मौजूदा स्थिति को लेकर ग्रामीणों और राहगीरों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण पहली ही बारिश में एप्रोच सड़क को नुकसान पहुंचा है।

हालांकि, निर्माण में कथित गड़बड़ी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुल और एप्रोच मार्ग की तकनीकी जांच के बाद ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन से दक्षिणबहाल जोरिया डायवर्सन का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बेरिकेडिंग लगाने, भारी वाहनों की आवाजाही पर आवश्यक रोक लगाने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की अपील की गई है।

लगातार बारिश के बीच यदि समय रहते सुरक्षा और मरम्मत के उपाय नहीं किए गए, तो जामताड़ा-देवघर मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

Leave a Comment

और पढ़ें