नेपाल में राहत-बचाव अभियान तेज, भारत ने भेजा पांचवां विमान; बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी बाढ़ का खतरा

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नई दिल्ली। नेपाल में हाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। संकट की इस घड़ी में भारत नेपाल को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। इसी क्रम में राहत और बचाव सामग्री लेकर पांचवां भारतीय विमान नेपाल के लिए रवाना किया गया है।



विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि इस विमान में 11 सदस्यीय बचाव दल और पांच टन से अधिक आवश्यक दवाएं भेजी गई हैं। भारत की ओर से राहत सामग्री और विशेषज्ञ दलों की तैनाती के जरिए नेपाल में चल रहे राहत कार्यों को सहयोग दिया जा रहा है।

भारतीय फोरेंसिक दल ने शुरू किया डीएनए विश्लेषण



नेपाल में तैनात 19 सदस्यीय भारतीय फोरेंसिक दल ने स्थानीय फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित लोगों की पहचान में सहायता के लिए डीएनए नमूनों का विश्लेषण शुरू कर दिया है।

भारतीय दूतावास के अनुसार, दल ने काठमांडू घाटी के खुमलटार क्षेत्र स्थित नेपाल पुलिस की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में विश्लेषण का काम शुरू किया है।

भारतीय विशेषज्ञ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से एकत्र किए गए डीएनए नमूनों के प्रसंस्करण में तेजी लाने और मृतकों तथा लापता लोगों की पहचान स्थापित करने में नेपाली विशेषज्ञों की सहायता कर रहे हैं। बाढ़ के बाद नेपाल को दी जा रही भारतीय सहायता के तहत इस फोरेंसिक दल को वहां तैनात किया गया है।

बिहार में भी बढ़ी चिंता



नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं, भागलपुर में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और कटाव के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड में नदी का जलस्तर बढ़ने और कटाव की वजह से कई इलाकों में चिंता का माहौल है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से स्थिति की निगरानी की जा रही है।

नेपाल में राहत अभियान के साथ-साथ भारत और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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