साहिबगंज में एच1एन1 स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

साहिबगंज। जिले में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोगों को स्वाइन फ्लू के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर इलाज की आवश्यकता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल साहिबगंज जिले में एच1एन1 का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है।

देश के विभिन्न हिस्सों में स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार और केंद्र के निर्देश पर जिले में निगरानी बढ़ाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 10-10 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जा रहे हैं, ताकि संदिग्ध मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अलग रखकर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

ये हैं प्रमुख लक्षण

स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, सर्दी, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या होठों और नाखूनों का नीला पड़ना जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

बचाव के लिए सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, हाथों को नियमित रूप से साफ रखने तथा संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक जांच और उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, झारखंड में पिछले 30 दिनों में एच1एन1 के 36 मामले सामने आने की जानकारी है, जिनमें करीब आधे बच्चे बताए गए हैं। इसे देखते हुए जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने लोगों से अपील की कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज भी न करें। फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह और जांच कराना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मददगार होगा।

Leave a Comment

और पढ़ें