डीसी ने नामांकन में कमी के कारणों की पड़ताल कर शत-प्रतिशत बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का दिया निर्देश
जिला स्तरीय स्टेयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की बैठक
साहिबगंज। पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के क्रियान्वयन एवं विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने को लेकर उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने जिला स्तरीय स्टेयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की बैठक की। बैठक में योजना के विभिन्न घटकों की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि पीएम पोषण योजना से आच्छादित विद्यालयों में जुलाई 2026 में बच्चों की औसत उपस्थिति 69.59 प्रतिशत रही, जबकि जून में यह 68.52 प्रतिशत थी। जुलाई में उपस्थिति में सुधार के बावजूद राज्य स्तर पर साहिबगंज जिला 22वें स्थान पर रहा। इस पर विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया गया। नामांकन की समीक्षा में बताया गया कि मार्च 2026 में बाल वाटिका, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर कुल 2 लाख 14 हजार 366 बच्चों का नामांकन था, जो जुलाई में घटकर 2 लाख 08 हजार 290 रह गया। यानी चार माह में 6076 बच्चों के नामांकन में कमी आई है। बैठक में नामांकन में कमी के कारणों की पड़ताल करते हुए शत-प्रतिशत बच्चों को विद्यालय से जोड़ने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य जांच की स्थिति की समीक्षा में पाया गया कि जुलाई में 208290 नामांकित बच्चों में से 50231 बच्चों का ही स्वास्थ्य परीक्षण हुआ, जो 24.12 प्रतिशत है। शेष बच्चों की स्वास्थ्य जांच निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर मार्च 2027 तक शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं आईएफए गोली सेवन की समीक्षा में बताया गया कि जुलाई में 136896 बच्चों ने आईएफए गोली का सेवन किया, जो कुल नामांकन का 65.72 प्रतिशत है। कम उपलब्धि वाले प्रखंडों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को नियमित रूप से आईएफए गोली उपलब्ध कराने और सेवन सुनिश्चित करने को कहा गया।

96.31 प्रतिशत बच्चों का आधार उपलब्ध
बैठक में आधार की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिले में नामांकित 2 लाख 08 हजार 290 बच्चों में से 2 लाख 507 बच्चों का आधार उपलब्ध है, जो 96.31 प्रतिशत है। इनमें 1 लाख 69 हजार 112 बच्चों का आधार प्रमाणीकरण हो चुका है। यह कुल नामांकन का 81.23 प्रतिशत है। कम आधार प्रमाणीकरण वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण कराने का निर्देश दिया गया।
46 विद्यालयों में पोषण वाटिका नहीं
पोषण वाटिका की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 1280 विद्यालयों में से 1234 में पोषण वाटिका संचालित है। यह उपलब्धि 96.40 प्रतिशत है। शेष 46 विद्यालयों में भी पोषण वाटिका स्थापित करने को कहा गया। बैठक में पुनः खोले गए 28 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन पकाने और परोसने के लिए आवश्यक बर्तनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। बच्चों को भोजन के दौरान सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बैठने के लिए पटिया या आसन की व्यवस्था डीएमएफटी, सीएसआर, यूनाइटेड फंड अथवा अन्य उपलब्ध मदों से करने पर चर्चा हुई। समिति ने पीएम पोषण योजना के सभी घटकों की नियमित निगरानी करते हुए बच्चों की उपस्थिति व नामांकन बढ़ाने, स्वास्थ्य जांच, आईएफए सेवन, आधार प्रमाणीकरण और पोषण वाटिका के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए समन्वित एवं परिणामोन्मुखी कार्रवाई करने पर जोर दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास, सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान, जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक उर्मिला हांसदा समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।










