रांची, 5 अगस्त। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंताएं सरकार के लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं और इस मामले में सरकार पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की समस्या केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई राज्यों में युवाओं के सामने यह बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुकी है। उन्होंने बताया कि संबंधित एजेंसियां मामले की दिन-रात जांच कर रही हैं तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भी भेजा जा रहा है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को ठोस समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने छात्रों और अभ्यर्थियों से अपनी मांग व सुझाव सीधे सरकार के समक्ष रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “झारखंड सरकार के दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले हैं। जिन छात्रों या अभ्यर्थियों की कोई मांग या सुझाव है, वे अपनी बात राज्य सरकार के समक्ष रख सकते हैं। युवाओं की प्रत्येक बात को पूरी गंभीरता से सुना जाएगा।”
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के विरोध में छात्र संगठन आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी मामले की निष्पक्ष जांच, पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थी राज्य की जांच एजेंसियों के बजाय केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग भी उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार के स्तर पर भी बातचीत की जा सकती है। सरकार का कहना है कि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, छात्र और अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, ओएमआर शीट सार्वजनिक करने तथा भर्ती एजेंसियों में सुधार की मांग पर अब भी कायम हैं।










