संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता।
बरहरवा। समय रहते की गई कार्रवाई ने चार नाबालिग बच्चों की जिंदगी को अनिश्चित भविष्य की ओर बढ़ने से बचा लिया। बरहरवा रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी और घर से भागे बच्चों की रोकथाम के लिए चलाए गए विशेष अभियान के दौरान आरपीएफ ने चार नाबालिग बालकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाल संरक्षण संस्था के सुपुर्द किया। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के निर्देशन में सहायक उपनिरीक्षक सुरेश पासवान ने सामाजिक संस्था मंथन की प्रतिनिधि आराधना मंडल के साथ गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे स्टेशन परिसर में विशेष जांच एवं निगरानी अभियान चलाया। इसी दौरान सिग्नल कार्यालय के समीप चार किशोर संदिग्ध परिस्थिति में घूमते मिले। पूछताछ में सभी ने बताया कि वे पाकुड़ जिले के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 13 से 16 वर्ष के बीच है। उन्होंने स्वीकार किया कि बिना परिवार को बताए वे घर से निकल पड़े थे। वे मुड़ारोई रेलवे स्टेशन से बरहरवा पहुंचे थे और मजदूरी करने के उद्देश्य से लखनऊ जाने की योजना बना रहे थे।बच्चों की स्थिति और उनके बयान को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ टीम ने उन्हें तत्काल सुरक्षा में लिया और आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद चारों नाबालिगों को अग्रिम कार्रवाई, परामर्श और पुनर्वास के लिए मंथन, साहिबगंज की प्रतिनिधि आराधना मंडल के सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर मानव तस्करी, बाल श्रम, घर से भागे बच्चों तथा अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। यात्रियों और अभिभावकों से भी अपील की गई है कि यदि स्टेशन परिसर में कोई बच्चा संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत आरपीएफ को दें, ताकि समय रहते उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








