कोडरमा। जिले के चितरपुर गांव में जमीन विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। कोडरमा विधानसभा क्षेत्र की विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी चालक राजकुमार यादव की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। इस हमले में उनके वृद्ध माता-पिता और नाबालिग बेटी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।
गुरुवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने राजकुमार यादव के शव को सड़क पर रखकर रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हो गया।
जमीन विवाद में हुई खूनी वारदात
जानकारी के अनुसार, राजकुमार यादव बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे तक विधायक डॉ. नीरा यादव के साथ एक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम में मौजूद थे। ड्यूटी समाप्त होने के बाद जब वह घर लौटे, तभी परिजनों ने उन्हें गांव में जमीन को लेकर चल रहे विवाद और बढ़ते तनाव की सूचना दी।
बताया जाता है कि गोतिया परिवार के बीच चल रहा विवाद मारपीट तक पहुंच चुका था। सूचना मिलते ही राजकुमार यादव तत्काल अपने गांव चितरपुर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने तथा माहौल शांत करने का प्रयास करने लगे।
बीच-बचाव करना पड़ा भारी
आरोप है कि इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने राजकुमार यादव पर धारदार हथियार और कुदाल से हमला कर दिया। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
हमले के दौरान उनके पिता दशरथ यादव, मां सुधा देवी और बेटी सोनिका कुमारी भी उन्हें बचाने के लिए आगे आए, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। तीनों गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज कोडरमा सदर अस्पताल में चल रहा है।
विधायक ने पुलिस को किया था फोन
सूत्रों के अनुसार, विवाद की सूचना मिलने के बाद विधायक डॉ. नीरा यादव ने स्वयं कोडरमा थाना पुलिस को फोन कर मामले में हस्तक्षेप करने और तत्काल पुलिस बल भेजने का अनुरोध किया था। हालांकि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं हो सका और विवाद हिंसक घटना में बदल गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक देर रात अस्पताल पहुंचीं और घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
इस घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
