मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने के. राजू को सौंपा सुझाव पत्र, कहा- JTET 2026 में मगही, भोजपुरी और अंगिका हो शामिल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

रांची: झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने शुक्रवार को झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू को JTET परीक्षा 2026 में अंगिका, भोजपुरी और मगही भाषाओं को शामिल किए जाने को लेकर लिखित सुझाव पत्र सौंपा।

अपने सुझाव पत्र में मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि वर्ष 2008, 2012 और 2016 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में अंगिका, भोजपुरी और मगही को क्षेत्रीय भाषाओं के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन वर्तमान अधिसूचना में इन भाषाओं को स्थान नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भाषा लोगों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है और आज की युवा पीढ़ी को क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं में लिखना, पढ़ना और बोलना आना चाहिए। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं में क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं के विकल्पों को बढ़ाना जरूरी है।

दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा से अंगिका, भोजपुरी, मगही और मैथिली जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को हटाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही जनजातीय भाषाओं की सूची में असुर, बिरहोर और माल्टो जैसी भाषाओं को शामिल नहीं करना भी राज्य की भाषाई विविधता की उपेक्षा है।

उन्होंने यह भी कहा कि संथाल परगना के किसी भी जिले में क्षेत्रीय भाषा के रूप में कुरमाली को शामिल नहीं किया गया है, जबकि इस भाषा को बोलने वालों की संख्या लाखों में है।

मंत्री ने कहा कि झारखंड की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करते हुए सभी जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इन भाषाओं की अनदेखी राज्य की समृद्ध विरासत और भाषाई पहचान के साथ अन्याय है।

उन्होंने मांग की कि सभी क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं पर समग्र रूप से विचार करते हुए इन्हें JTET 2026 में शामिल कर परीक्षा आयोजित की जाए।

और पढ़ें