जालंधर स्थित BSF मुख्यालय के बाहर हुए धमाके को लेकर जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिले हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस धमाके की साजिश पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी ने रची थी।
जांच में सामने आया है कि धमाके से कुछ मिनट पहले शहजाद भट्टी ने उमरदीन खान से उस सिम कार्ड का नंबर लिया था, जिसे एक छोटी डिवाइस में लगाकर विस्फोटक सिस्टम से जोड़ा गया था। एजेंसियों के मुताबिक, इसी तकनीक के जरिए ब्लास्ट को अंजाम दिया गया।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका बेहद खतरनाक है, क्योंकि इसमें लंबे तार, पारंपरिक टाइमर या मौके पर मौजूद किसी ऑपरेटर की जरूरत नहीं पड़ती। मोबाइल नेटवर्क और सिम आधारित ट्रिगर सिस्टम के जरिए दूर बैठकर भी विस्फोट कराया जा सकता है।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट में इस्तेमाल डिवाइस और सिम कार्ड कहां से उपलब्ध कराए गए थे।








