छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक मार्मिक और दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी कैंसर पीड़ित पत्नी के इलाज के लिए बाइक को ही एंबुलेंस और स्ट्रेचर में तब्दील कर दिया है।
नागवाही गांव के रहने वाले समलू मरकाम की पत्नी लंबे समय से कैंसर से पीड़ित हैं। आर्थिक तंगी के कारण वह अपनी पत्नी को अस्पताल में भर्ती नहीं करा पा रहे हैं।
ऐसे में समलू ने अपनी बाइक की सीट पर बांस और बोरी की मदद से एक अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया है। इसी पर अपनी पत्नी को लिटाकर वह अस्पताल तक ले जाते हैं। इतना ही नहीं, रास्ते में पत्नी को सांस लेने में दिक्कत न हो, इसके लिए ऑक्सीजन ड्रिप भी लगाकर ले जाते हैं।
वायरल तस्वीरों में देखा जा सकता है कि समलू अपनी पत्नी को बाइक पर लिटाकर अस्पताल के बाहर डॉक्टरों का इंतजार कर रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में वह बाइक चलाते हुए अस्पताल परिसर में दाखिल होते नजर आते हैं।
यह घटना एक ओर जहां समलू मरकाम के अपनी पत्नी के प्रति अटूट प्रेम, हिम्मत और जज्बे को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर यह सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती है।
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सच्चे प्रेम और त्याग की मिसाल बता रहे हैं, तो कई लोग प्रदेश की स्वास्थ्य और एंबुलेंस सेवाओं की बदहाली पर सवाल उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह मरीज को ले जाना जोखिम भरा है और इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक गरीब और जरूरतमंद लोगों को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।







