रामगढ़ | संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रामगढ़ जिले में जंगली हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा घटना में बीती रात रामगढ़ वन क्षेत्र और कुज्जू वन क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि हाथी ने अचानक हमला किया, जिससे दोनों की मौके पर ही जान चली गई
आबादी वाले इलाकों में घूम रहा हाथी, दहशत का माहौल
स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगली हाथी पिछले कई दिनों से आबादी वाले इलाकों में लगातार घूम रहा है। हाथी के हमलों के कारण गांवों में दहशत का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि लोग रात के समय घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं, वहीं किसानों के लिए खेतों में जाना भी जोखिम भरा हो गया है।
तीन दिनों में छह लोगों की मौत
जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन दिनों के भीतर जंगली हाथी अब तक छह लोगों की जान ले चुका है। लगातार हो रही मौतों के बावजूद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने या उसे नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि न तो प्रभावित इलाकों में पर्याप्त गश्त की जा रही है और न ही हाथी की लोकेशन को लेकर समय पर अलर्ट जारी किया जा रहा है। इससे आम लोगों की जान लगातार खतरे में पड़ी हुई है।
वन विभाग का पक्ष
वहीं वन विभाग की ओर से दावा किया जा रहा है कि इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई जरूरी है, ताकि आगे किसी और की जान न जाए और इलाके में फैला डर खत्म हो सके।








