हर वर्ष 16 अक्टूबर को पूरी दुनिया में विश्व रीढ़ दिवस (World Spine Day) मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को रीढ़ की हड्डी (Spine) के महत्व, उसकी देखभाल और उससे जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना है।
रीढ़ हमारी देह का मुख्य आधार स्तंभ है — यह न केवल हमारे शरीर को सीधा रखती है, बल्कि मस्तिष्क और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच तंत्रिका संकेतों (nerve signals) के आदान-प्रदान का भी केंद्र है। छोटी-सी लापरवाही — जैसे गलत मुद्रा में बैठना, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर झुककर काम करना, या व्यायाम की कमी — रीढ़ को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है।
???? रीढ़ स्वास्थ्य की अनदेखी, बड़ी समस्या का कारण
हाल के वर्षों में कमर दर्द, गर्दन दर्द और रीढ़ विकार (spinal disorders) आम हो गए हैं, विशेषकर युवाओं और ऑफिस कर्मचारियों में।
डब्ल्यूएचओ (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की लगभग 80% आबादी अपने जीवनकाल में कभी न कभी पीठ या रीढ़ दर्द की समस्या से ग्रसित होती है।
झारखंड और संथाल परगना जैसे ग्रामीण इलाकों में भी अब यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। खेतों में झुककर काम करने, भारी बोझ उठाने या सही बैठने की मुद्रा न अपनाने से रीढ़ से जुड़ी बीमारियाँ ग्रामीण समाज में भी पांव पसार रही हैं।
???? रीढ़ की देखभाल के सरल उपाय
1. सही मुद्रा (Posture) में बैठें और चलें।
2. नियमित व्यायाम करें — विशेषकर योगासन जैसे भुजंगासन, शलभासन, ताड़ासन आदि।
3. लंबे समय तक बैठने से बचें, बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करें।
4. संतुलित आहार लें जिसमें कैल्शियम, विटामिन D और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में हों।
5. भारी वस्तु उठाते समय घुटनों को मोड़ें, कमर पर अधिक दबाव न डालें।
???? थीम 2025: “Move Your Spine”
इस वर्ष विश्व रीढ़ दिवस की थीम है — “Move Your Spine” (अपनी रीढ़ को गतिशील रखें)।
यह संदेश देता है कि गतिशीलता (movement) ही रीढ़ को स्वस्थ रखने की कुंजी है।
दिनभर में थोड़ा-थोड़ा हिलना-डुलना, स्ट्रेच करना और सही व्यायाम करना रीढ़ को मजबूत और लचीला बनाए रखता है।
???? संथाल हूल एक्सप्रेस की अपील
“संथाल हूल एक्सप्रेस (हिंदी दैनिक)” पाठकों से अपील करता है कि वे अपने दैनिक जीवन में रीढ़ स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
एक स्वस्थ रीढ़ न केवल शरीर को संतुलन देती है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्फूर्ति का आधार भी है।
याद रखें —
रीढ़ सीधी, जिंदगी सही!










