श्रीपुर गांव छाताडंगाल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन, बाल विवाह उन्मूलन पर दिया गया विशेष जोर

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माननीय झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार जामताड़ा के तत्वावधान में 17 नवंबर को नाला प्रखंड के बिंदापाथर थाना क्षेत्र अंतर्गत श्रीपुर गांव टोला छाताडंगाल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को बाल विवाह उन्मूलन के प्रति जागरूक करना था।

शिविर का संचालन पीएलवी सह अधिकार मित्र यदुनाथ सिंह एवं पीएलवी अमित कुमार सिंह ने किया। उन्होंने ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। इस अधिनियम के अंतर्गत दोषियों को कारावास एवं जुर्माना दोनों की सज़ा हो सकती है।

ग्रामीणों को बताया गया कि लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में होने वाला विवाह बाल विवाह कहलाता है। इसके गंभीर दुष्परिणाम होते हैं – गर्भावस्था एवं प्रसव से जुड़ी जटिलताएँ बढ़ जाती हैं, शिशु मृत्यु दर अधिक होती है और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास पर प्रतिकूल असर पड़ता है।

शिविर में ग्रामीणों से सामूहिक प्रयास कर बाल विवाह रोकने की अपील की गई। साथ ही, नजदीकी पुलिस थाना, बाल कल्याण समिति या जिला विधिक सेवा प्राधिकार को ऐसे मामलों की सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और नालसा के निशुल्क हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की गई। ग्रामीणों को जनकल्याण योजनाओं, नशा मुक्ति, जीरो बैलेंस बैंक खाता, केवाईसी, आधार और पैन कार्ड से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ दी गईं। साथ ही प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के लाभों से भी अवगत कराया गया।

शिविर में मुख्य रूप से सुबोध बाउरी, सेकेन बाउरी, कोहल बाउरी, शोभा बाउरी, हाबुल बाउरी, सीमा बाउरी, बबली बाउरी, कुमकुम बाउरी, लवली बाउरी, चैताली बाउरी, मणिका बाउरी, मुनमुन बाउरी, शिवानी बाउरी, शिवली बाउरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


संवाददाता – धनेश्वर सिंह, जामताड़ा

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