मालदा। पूर्व रेलवे के मालदा मंडल की ओर से शनिवार को लक्ष्मण सेन स्टेडियम, मालदा में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और आरपीएफ दल द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इसके बाद आरपीएफ बैंड ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया।

समारोह में रेलवे कर्मचारियों, रेलवे स्कूल के विद्यार्थियों तथा स्काउट्स एंड गाइड्स टीम ने देशभक्ति गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आरपीएफ डॉग स्क्वाड के प्रदर्शन ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक अमरेन्द्र कुमार मौर्य, मंडल रेलवे अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूपा घोष, वरिष्ठ शाखा अधिकारी तथा पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन, मालदा की अध्यक्ष मनीषा गुप्ता समेत बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी, उनके परिजन और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
मालदा मंडल का परिचालन और वाणिज्यिक प्रदर्शन बेहतर
समारोह को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता ने मालदा मंडल की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुरक्षा, समयपालन, यात्री सुविधाओं और कुशल रेल परिचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों के अनुशासन, समर्पण और सामूहिक प्रयास को मंडल की प्रगति का आधार बताया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मालदा मंडल ने अब तक का सर्वाधिक 18.03 मिलियन टन आरंभिक माल लदान दर्ज किया। यात्री सेवाओं में भी मंडल ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और करीब 4 करोड़ आरंभिक यात्रियों को संभाला, जो निर्धारित लक्ष्य से 16.51 प्रतिशत अधिक है। टिकट जांच से ₹14.27 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि स्क्रैप निस्तारण से रिकॉर्ड ₹26.06 करोड़ की आय हुई।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शून्य SPAD का लक्ष्य हासिल किया। गैर-परिणामी ट्रेन दुर्घटनाओं में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 67 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
ट्रैक सुरक्षा के तहत 200 थिक वेब स्विच और 83 टर्नआउट्स की डीप स्क्रीनिंग पूरी की गई। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 32 थिक वेब स्विच, 29 टर्नआउट्स और 25 TKM प्लेन ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग की जा चुकी है। लेवल क्रॉसिंग एवं ट्रेसपासिंग को कम करने के लिए सात LHS भी लॉन्च किए गए हैं।

मवेशियों के रन-ओवर की घटनाओं को रोकने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 134 किलोमीटर W-Fencing पूरी की गई, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 49 किलोमीटर अतिरिक्त कार्य पूरा हो चुका है।
1600 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलीं

यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए मालदा मंडल ने 1 जनवरी 2026 से अब तक 1,600 से अधिक विशेष ट्रेन सेवाओं का संचालन किया। इनमें 733 समर स्पेशल, 25 परीक्षा स्पेशल और श्रावणी मेला के लिए 196 विशेष ट्रेनें शामिल हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित 15 स्टेशनों में से तीन का उद्घाटन हो चुका है, जबकि शेष 12 स्टेशनों का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। शिवनारायणपुर स्टेशन का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया।
जमालपुर में नए कोचिंग डिपो के चालू होने से कोचिंग अनुरक्षण क्षमता बढ़ने तथा भविष्य में अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं के संचालन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
यात्री सुविधाओं में विस्तार

दिव्यांगजन सुविधाओं से संबंधित अनुपालन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 83 स्टेशनों पर सुनिश्चित किया गया, जबकि लक्ष्य 80 स्टेशनों का था। यात्रियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्टेशनों पर तीन लिफ्ट और चार एस्केलेटर लगाए गए। सुल्तानगंज में 12 मीटर लंबे फुट ओवर ब्रिज का निर्माण भी पूरा किया गया।
मालदा टाउन और भागलपुर में स्लीपिंग पॉड्स, भागलपुर में क्लोक रूम और विभिन्न स्टेशनों पर सात एसी वेटिंग लाउंज उपलब्ध कराए गए हैं। 21 स्टेशनों पर 54 वाटर वेंडिंग मशीनें, पांच मोबाइल फूड वैन तथा साहिबगंज और मिर्जाचौकी में दो एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
रेलवे अधिनियम के उल्लंघन के मामलों में 3,600 व्यक्तियों को गिरफ्तार/अभियोजित किया गया। जन विश्वास विधेयक के तहत ₹13.24 लाख का जुर्माना तथा कूड़ा फैलाने और थूकने के मामलों में ₹9.94 लाख की वसूली की गई।
‘अमानत’ पहल के तहत ₹14.64 लाख मूल्य की खोई हुई वस्तुएं बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाई गईं। कमजोर एवं असुरक्षित बच्चों की सुरक्षा के तहत 123 बच्चों को बचाया गया, जबकि ऑपरेशन AAHT के तहत पांच मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
ऑपरेशन भूमि के तहत करीब 12 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली 419 अनधिकृत संरचनाओं को हटाया गया। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 240 CCTV कैमरे लगाए गए।
पर्यावरण से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहल
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.54 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। रेलवे कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए साहिबगंज रेलवे हाई स्कूल का ₹1.70 करोड़ की लागत से आधुनिकीकरण किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विद्यालय में लड़के और लड़कियों के लिए सह-शिक्षा व्यवस्था भी शुरू की गई।
ओल्ड मालदा स्थित प्रशिक्षण संस्थान को ₹3.40 करोड़ की स्वीकृत लागत से आधुनिक बहु-विषयक मंडलीय प्रशिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया गया है। मालदा मंडल रेलवे अस्पताल में करीब ₹50 लाख के नौ आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

पूर्व रेलवे का पहला i-GOT-cum-CBT केंद्र ‘प्रशक्ति’ भी मालदा मंडल में ₹4.26 करोड़ की स्वीकृत लागत से विकसित किया गया है। स्मार्ट मेंटेनेंस को बढ़ावा देने के लिए सिग्नल तकनीशियनों को 237 टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं।
समारोह के अंत में मंडल रेल प्रबंधक ने अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि टीमवर्क, पारदर्शिता और नवाचार के माध्यम से मालदा मंडल भविष्य में भी सुरक्षा, यात्री सुविधा और रेल परिचालन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन जारी रखेगा।









