JPSC-JSSC आंदोलन: 24वें दिन भी नहीं थमे छात्र, देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल से बढ़ी चिंता

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी रहा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों से प्रशासनिक अधिकारियों ने मुलाकात की और एक बार फिर सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव रखा।

प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों को सोमवार दोपहर 2 बजे वार्ता के लिए बुलाया है। इस बार छात्रों को अपने कानूनी सलाहकार के साथ बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गई है। इससे पहले 9 अगस्त को सरकार और छात्रों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन किसी ठोस नतीजे पर सहमति नहीं बन सकी थी। अब तक दोनों पक्षों के बीच छह दौर की बातचीत हो चुकी है।

सरकार के नए वार्ता प्रस्ताव पर छात्र तैयार

जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने सरकार के नए वार्ता प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी मूल मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।

मंच के नेता रवींद्र पासवान के मुताबिक, छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना शामिल है। बैठक में शामिल होने वाले छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की संख्या की घोषणा जल्द की जाएगी।

20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान

आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के घेराव का भी ऐलान किया है। ऐसे में 17 अगस्त की वार्ता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यदि बातचीत में कोई ठोस सहमति बनती है, तो छात्रों की आगे की रणनीति में बदलाव संभव है। वहीं, समाधान नहीं निकलने की स्थिति में आंदोलन और तेज होने के संकेत हैं।

देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल से बढ़ी चिंता

आंदोलन के साथ चल रही भूख हड़ताल भी गंभीर दौर में पहुंच गई है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रविवार देर रात सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी भूख हड़ताल के 15वें दिन की स्थिति को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार के साथ होने वाली वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई केवल मौजूदा परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में स्थायी सुधार भी उनकी मांग का हिस्सा है।

छात्र नेताओं का कहना है कि व्यवस्था में ऐसे सुधार जरूरी हैं, जिससे भविष्य में अभ्यर्थियों को परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लंबे आंदोलन का सहारा न लेना पड़े।

आज की वार्ता पर टिकी नजरें

अब सभी की नजरें सरकार और छात्रों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हैं। बातचीत से यदि गतिरोध खत्म होता है तो आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति बदल सकती है। लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव के साथ आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना है।

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