जामताड़ा: जामताड़ा जिला प्रशासन ने आम लोगों की समस्याओं के त्वरित और संवेदनशील समाधान का एक सराहनीय उदाहरण पेश किया है। उपायुक्त आलोक कुमार ने समाहरणालय परिसर में अपनी गाड़ी रोककर एक बुजुर्ग और उनकी बेटी की समस्या सुनी और तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की तत्परता के बाद अब युवती को मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना की तीन महीने की लंबित राशि एक साथ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
जानकारी के अनुसार, नाला प्रखंड के कुलडंगाल गांव निवासी नमिता पाल अपने पिता के साथ कई दिनों से योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत लेकर विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा रही थीं। समाहरणालय परिसर में उपायुक्त की नजर जब दोनों पर पड़ी, तो उन्होंने गाड़ी रुकवाकर स्वयं उनकी समस्या सुनी। नमिता ने बताया कि योजना के लिए पात्र होने के बावजूद अब तक उनके खाते में राशि नहीं आई है।
तकनीकी खामी बनी भुगतान में बाधा
उपायुक्त के निर्देश के बाद संबंधित विभाग ने मामले की तत्काल जांच की। जांच में सामने आया कि तकनीकी कारणों से नमिता पाल का नाम पेंडिंग सूची में चला गया था, जिसके कारण भुगतान लंबित था। अधिकारियों ने तुरंत तकनीकी त्रुटि को दूर करते हुए आश्वस्त किया कि आगामी मंगलवार तक तीन महीने की लंबित राशि एक साथ उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से मिली राहत
समस्या का समाधान होने पर नमिता पाल और उनके पिता ने उपायुक्त आलोक कुमार तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। जिला प्रशासन ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का पारदर्शी, त्वरित और संवेदनशील समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए लगातार निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
यह पहल न केवल प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाती है, बल्कि आम लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत करती है।








