चाईबासा मुठभेड़ मामले की सीआईडी जांच शुरू, 10 लाख के इनामी नक्सली अमित हांसदा की मौत की होगी समीक्षा

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जमशेदपुर/चाईबासा। पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारे गए 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली अमित हांसदा उर्फ अपटन मामले की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर गठित सीआईडी टीम पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही है।

गौरतलब है कि 6 दिसंबर 2025 को गोइलकेरा के पचलाताबुरू जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े जोनल कमेटी सदस्य अमित हांसदा के मारे जाने का दावा किया गया था। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने मौके से एक एसएलआर राइफल, बड़ी मात्रा में कारतूस और अन्य नक्सली सामग्री बरामद करने की जानकारी दी थी।

हालांकि मुठभेड़ को लेकर उठे विभिन्न सवालों और प्रक्रियागत पहलुओं की जांच की आवश्यकता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने मामले की सीआईडी जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच टीम मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

कई बड़ी नक्सली घटनाओं में था शामिल

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अमित हांसदा उर्फ अपटन प्रतिबंधित नक्सली संगठन का सक्रिय सदस्य था और संगठन की जोनल कमेटी से जुड़ा हुआ था। उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार वह झारखंड में हुई 96 से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल रहा था।

उसका नाम सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई क्षेत्र में पांच पुलिसकर्मियों की हत्या, गोइलकेरा में पूर्व विधायक पर हमले, दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या समेत कई बड़ी वारदातों में सामने आया था। वर्ष 2014 में चर्चित चाईबासा जेल ब्रेक कांड में भी उसकी संलिप्तता बताई गई थी।

बताया जाता है कि अमित हांसदा बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र का निवासी था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।

फिलहाल सीआईडी की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत तस्वीर सामने आ सकेगी।

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