संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क |
भारतीय रेलवे अब अपने दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को आधुनिक तकनीक से लैस करने जा रहा है। रेलवे मंत्रालय ने AI आधारित नए रिजर्वेशन सिस्टम की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे यात्रियों को वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की संभावना पहले से अधिक सटीक तरीके से पता चल सकेगी।
रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने अधिकारियों को अगस्त महीने से ट्रेनों को नए सिस्टम पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान PRS सिस्टम वर्ष 1986 से संचालित हो रहा है। बढ़ती यात्रियों की संख्या और डिजिटल सेवाओं की मांग को देखते हुए इसे अब पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा।
नए AI आधारित सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यात्री टिकट बुकिंग के समय ही यह अनुमान देख सकेंगे कि उनका वेटिंग टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। इससे यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
रेलवे सूत्रों के अनुसार नया सिस्टम पहले की तुलना में अधिक तेज, स्मार्ट और आधुनिक होगा। इससे टिकट बुकिंग, सीट आवंटन और रिजर्वेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों को वेटिंग की स्थिति समझने में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के इस्तेमाल से रेलवे सेवाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में यात्रियों को रियल टाइम अपडेट, बेहतर प्रेडिक्शन और तेज सेवा का लाभ मिलेगा।








