फर्जी बम धमकियों पर सख्त हुई अदालत, कहा- यह बेहद गंभीर अपराध

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

दिल्ली में लगातार सामने आ रही फर्जी बम धमकियों के मामलों पर द्वारका डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि धमकी भरे फर्जी ईमेल भेजना “बेहद गंभीर अपराध” है, जिसका मकसद लोगों के बीच डर और दहशत फैलाना होता है।

अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इस तरह की घटनाएं स्कूलों, अदालतों, एयरपोर्ट और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के सामान्य कामकाज को बाधित करने के उद्देश्य से की जाती हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट Neha Priya ने ये टिप्पणियां उस मामले की सुनवाई के दौरान कीं, जिसमें Venkateshwar International School को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।

पुलिस के अनुसार 2 मार्च को स्कूल की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा मेल भेजा गया था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। हालांकि जांच के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, लेकिन घटना ने स्कूल प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों में भय का माहौल पैदा कर दिया था।

अदालत की सख्त टिप्पणी के बाद माना जा रहा है कि फर्जी धमकी और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां अब और अधिक गंभीरता से कार्रवाई कर सकती हैं।

पिछले कुछ समय में देश के कई शहरों में स्कूलों, अस्पतालों और एयरपोर्ट को निशाना बनाकर फर्जी बम धमकियों के मामले सामने आए हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और साइबर मॉनिटरिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

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