संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क | धनबाद
धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। हाल ही में राज्य के एक कथित गैंगस्टर द्वारा धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
आरोपों में दावा किया गया है कि कोयले के अवैध कारोबार और चोरी के नेटवर्क में प्रशासन और सरकार के कुछ लोगों की कथित मिलीभगत है। हालांकि इन दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।
यह मुद्दा इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोप सीधे तौर पर कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर लगाए गए हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह केवल अवैध खनन का मामला नहीं बल्कि बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और संसाधनों की लूट का संकेत माना जा सकता है।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है। कई लोगों का कहना है कि कोयले के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है ताकि जनता के बीच विश्वास कायम रह सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच एजेंसियों को किसी प्रकार के वित्तीय अनियमितता या अवैध लेनदेन के संकेत मिलते हैं, तो मामले की गहन जांच की जानी चाहिए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पूरे मामले पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर बनी हुई है।







