संथाल हूल एक्सप्रेस सेंट्रल डेस्क
भागलपुर (बिहार), गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण विक्रमशिला पुल पर मंगलवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुल का एक हिस्सा अचानक टूटकर नदी में गिर गया, लेकिन प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की तत्परता के कारण कोई जनहानि नहीं हुई।
जिला अधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया कि घटना से पहले ही मौके पर मौजूद अधिकारियों और थाना प्रभारी (SHO) ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पुल के उस हिस्से से लोगों को तत्काल हटा दिया था। बताया जा रहा है कि लोगों को हटाने के करीब 15 मिनट बाद ही पुल का स्लैब भरभराकर गंगा नदी में गिर गया।
🚧 तुरंत सील किया गया पुल, यातायात पूरी तरह बंद
घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुल को भागलपुर और नवगछिया दोनों ओर से पूरी तरह सील कर दिया है। एहतियात के तौर पर पुल पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यह पुल भागलपुर को गंगा पार के इलाकों से जोड़ने का प्रमुख मार्ग है, जिसके बंद होने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है।
🚦 वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था
प्रशासन ने बताया कि रात के समय तत्काल वैकल्पिक मार्ग शुरू करना संभव नहीं था। फिलहाल यात्रियों और वाहन चालकों को मुंगेर मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे असुविधा बढ़ गई है।
🔍 तकनीकी जांच और मरम्मत की तैयारी
घटना के बाद विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम को मौके पर बुलाया गया है, जो पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर रही है। प्रशासन का कहना है कि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा और पुल को दोबारा चालू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
⚠️ पहले भी उठते रहे थे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं। नियमित मरम्मत और निगरानी की मांग लंबे समय से उठती रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर पुलों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन यह घटना प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। समय रहते लोगों को हटाए जाने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन अब जरूरी है कि पुल की स्थिति का गहन मूल्यांकन कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।








